नई दिल्ली,
आर्थिक तंगहाली से गुजर रहे पाकिस्तान ने भारत से बातचीत की इच्छा जाहिर की थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक इंटरव्यू के माध्यम से पीएम मोदी से बातचीत की अपील की थी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की पीएम मोदी से बातचीत की अपील पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए पैसे का पुजारी बताया है.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर हमला बोलते हुए इमरान खान ने कहा कि जब कोई पैसे की पूजा करने वाला किसी विचारधारा या विश्वास की भी परवाह नहीं करता है, तो यह हमारे लिए शर्मनाक बात है.
इमरान खान ने कहा, उन्हें (शहबाज शरीफ) यह पता नहीं है कि हमारे राष्ट्रपिता (founding fathers) ने पाकिस्तान के सपने को हासिल करने के लिए कितना संघर्ष और बलिदान दिया है. लेकिन सिर्फ इंडियन लॉबी का समर्थन पाने के लिए वह (शहबाज शरीफ) कश्मीरी स्वतंत्रता संघर्ष को दफनाने के लिए तैयार है जिसमें एक लाख से अधिक कश्मीरियों ने अपनी जान दी है.इमरान खान भले ही अभी शहबाज शरीफ की पीएम मोदी से बातचीत की अपील का विरोध कर रहे हैं. लेकिन हकीकत यह है कि जब उनकी भी सरकार थी तो भारत से बातचीत की अपील कर चुके हैं.
मौजूदा आर्थिक तंगहाली के लिए शहबाज सरकार को ठहराया दोषी
पाकिस्तान की मौजूदा खस्ता हालत के लिए इमरान खान ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटार्यड) कमर जावेद बाजवा को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदा सरकार खरीद-फरोख्त के जरिए सत्ता में आई है.
देश की मौजूदा आर्थिक संकट के लिए शहबाज सरकार को दोषी ठहराते हुए इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कभी भी ऐसी नहीं थी. ‘द न्यूज इंटरनेशल’ अखबार के अनुसार, इमरान खान के कहा कि सत्ता में आने के बाद से शहबाज शरीफ ने अपने 1100 अरब रुपये के भ्रष्टाचार के मामलों को रफा-दफा कर दिया है. इन समस्याओं का एकमात्र समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव ही है.
पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई चीफ ने शहबाज शरीफ गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गठबंधन के नेताओं ने खुद को कानून से ऊपर रखते हुए अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के सभी मामलों को खत्म कर लिया जो सालों पहले दर्ज हुए थे.
