– भेल दशहरा मैदान पर जगदगुुरु रामभद्राचार्य महाराज 31 जनवरी तक सुनाएंगे श्रीराम कथा
– कथा में महाराज ने परीक्षा, समीक्षा और उपेक्षा की बात बताई
भोपाल
राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन जगदगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का ह्दय स्थल है। यहां उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने सनातन धर्म के सिद्धांत पर कार्य किए। भोजपाल के राजा भोज ने अनेक कार्य किए। कथा में महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंची प्रदेश सरकार की सस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्य मंत्री उषा ठाकुर से महाराज ने कहा कि आप भोपाल को भोजपाल करने के संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से निर्णय करवाएं। महाराज ने कहा कि उषा मेरी बेटी जैसी है। सनातन समाज के लिए बेहतर काम कर रही हैं। इस मौके पर मंत्री ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार के धर्मस्व विभाग ने हनुमान जयंती, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बसंत पंचमी सहित अनेक जयंती के मौके पर लोगों को धर्म से जोडऩे के लिए पाठ कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 500 दंपत्तियों का पंजीयन किया गया है। सभी जयंती पर धर्म के उपासकों द्वारा प्रार्थना की जाएगी।
कथा मेंं महाराज ने आज पुन: राजा भोज के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया। बालकांड की कथा का वर्णन किया। महाराज ने सती और सीता के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने कभी भी सीता माता का परित्याग नहीं किया। महाराज ने परीक्षा, समीक्षा और उपेक्षा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला गर्भगृह में विराजित होंगे और मेरा 75वां अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। महाराज ने कहा कि श्रीराम चरित मानस राष्ट्र गंथ है। महाराज ने बताया कि उन्होंने धर्म से जुड़ी 225 पुस्तकें लिखी है यह भी एक चमत्कार है। कल की कथा में रामजन्म और बसंत पंचमी का वर्णन करेंगे। कथा में मुख्य यजमान शुभावती-हीरा प्रसाद यादव हैं।
आज की कथा में सांस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्य मंत्री उषा ठाकुर, पर्यावरण मंत्री हरदीप ङ्क्षसह डंग, गुना से सांसद केपी यादव, पूर्व महापौर आलोक शर्मा, विधायक कृष्ण गौर, सुल्लतानपुर के बंटी गिरी गोस्वामी, दीपक लाल चंदानी, गिरीश शर्मा, अशोक नगर भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश रघुवंशी, श्रीकृष्ण मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह यादव, मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष विरेंद्र तिवारी के साथ ही मेला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी के साथ ही मेला टीम के सदस्य और बड़ी संख्या मेंं श्रद्धालु हुए।
