भोपाल
हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार जब गैंगवार में घायल हिस्ट्रीशीटर इमरान को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, उस समय अस्पताल की पुलिस चौकी खाली थी और उसके साथ पहुंचे तीनों हवलदार भी निहत्थे थे। इसी दौरान बदमाश इमरजेंसी गेट तक पहुंच गए और फायरिंग कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि शनिवार तड़के करीब 4:45 बजे अशोका गार्डन क्षेत्र में शादाब कुरैशी गैंग के बदमाशों ने इमरान पर गोली चलाई थी, जो उसके पैर में लगी। घायल को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाया गया। सुबह करीब 6:08 बजे बदमाश भी अस्पताल पहुंच गए और इमरजेंसी गेट के बाहर गोली चला दी। उस समय अशोका गार्डन थाने के हवलदार कृष्णकांत शर्मा, संतोष मिश्रा और पुनीत शुक्ला घायल के साथ मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक गोली चलने के दौरान पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर हो गए और किसी ने भी बदमाशों को पकड़ने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि तीनों पुलिसकर्मियों के पास उस समय हथियार भी नहीं थे।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि यदि मौजूद पुलिसकर्मियों ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास नहीं किया तो यह गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच कराई जा रही है और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी। घटना के दौरान बदमाश करीब पांच मिनट तक कट्टा और चाकू लहराते हुए इमरजेंसी गेट के बाहर घूमते रहे। अस्पताल के गार्ड ने इसकी सूचना सुपरवाइजर को दी, लेकिन उस समय इमरजेंसी के अंदर मौजूद पुलिस बाहर नहीं आई। जब बदमाश अंदर घुसने लगे तो गार्ड ने गेट बंद कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने धमकी देते हुए इमरजेंसी गेट की ओर गोली चलाई और अफरा-तफरी के बीच एक्टिवा से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार हमीदिया अस्पताल की पुलिस चौकी में एक एएसआई और दो सिपाहियों की ड्यूटी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है। इसके बाद किसी घटना की सूचना मिलने पर ही थाना पुलिस मौके पर पहुंचती है। वहीं अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों के पास है।
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