नई दिल्ली,
देश में बीते 275 दिनों से ज्यादा समय से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं. हालांकि ये 100 रुपये प्रति लीटर के करीब बनी हुई हैं. अब सरकार की ओर से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वो इनके दाम करके लोगों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि खुदरा महंगाई दर में एक बार फिर उछाल के बाद अब सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स घटाने पर विचार कर रही है.
पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाने के संकेत
रॉयटर्स की रिपोर्ट में दो सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि खुदरा महंगाई के जनवरी में आए नतीजों ने फिर से सोचने पर मजबूर किया है और सरकार को बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स घटाने पर विचार कर रही है. फिलहाल, इस फैसले पर मुहर लगाने के लिए फरवरी महीने के महंगाई दर के आंकड़ों का इंतजार है. इसके बाद इस पर विचार किए जाने की उम्मीद बन रही है. गौरतलब है कि बीते दिनों जारी किए गए नतीजों के मुताबिक, जनवरी 2023 में खुदरा महंगाई में उछाल दर्ज किया गया है.
फिर 6% के पार पहुंची खुदरा महंगाई
महंगाई के मोर्चे पर सरकार साल 2023 में पहला तगड़ा झटका लगा है. दिसंबर 2022 में खुदरा महंगाई गिरकर 6 फीसदी से नीचे पहुंच गई थी. जिससे अनुमान लगाया जा रहा था कि आने वाले दिनों में महंगाई से और राहत मिल सकती है, लेकिन जनवरी में अचानक इसमें फिर से तेजी दर्ज की गई और ये उछलकर 6 फीसदी के पार निकल गई है. सरकार द्वारा 13 फरवरी को जारी किए गए जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर 6.52 फीसदी रही है, जबकि दिसंबर 2022 में ये 5.72 फीसदी रही थी.
आटे के दाम घटाने की पहल
खुदरा महंगाई दर एक बार फिर से आए उछाल और इसमें खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने के असर को कम करने के लिए सरकार कदम उठा रही है. सरकार ने नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के लिए एफसीआई के गेहूं का दाम 23.50 रुपये से घटाकर 21.50 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है. इन संस्थानों को गेहूं को आटे में बदलकर 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम के अधिकतम खुदरा मूल्य पर बेचने को कहा गया था. अब उन्हें आटा 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेचने को कहा गया है.
सरकार ने घटाया विंडफॉल टैक्स
इस बीच रॉयटर्स की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने घरेलू क्रूड पर विंडफॉल टैक्स घटा दिया है. इसके साथ ही डीजल और ATF(एयर टरबाइन फ्यूल) के एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त ड्यूटी भी घटाई गई है. सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ओएनजीसी (ONGC) जैसी पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल (Crude) पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स 5050 रुपये प्रति टन से घटाकर 4350 रुपये प्रति टन कर दिया गया है.
हालांकि, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नई कटौती 16 फरवरी 2023 गुरुवार से प्रभावी हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने डीजल के अतिरिक्त एक्सपोर्ट पर टैक्स 7.50 रुपये/ लीटर से घटाकर से 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स 6 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
सार्वजनिक व्यय बढ़ाने पर जोर
इस बीच बुधवार को इंडस्ट्री चैंबर PHDCCI के सदस्यों के साथ पोस्ट-बजट इंटरएक्टिव सत्र में बोलते हुए वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने ये संकेत दिए हैं. निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि राज्यों के बीच इस संबंध में एक समझौता हो जाने के बाद पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि देश के विकास को बढ़ावा देने के मद्देनजर सरकार का वर्षों से सार्वजनिक व्यय बढ़ाने का प्रयास रहा है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमने इस बार के बजट में इसे ऊपर रखा है और 2023-24 में पूंजीगत व्यय को 33 फीसदी बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया है.
