– ईडी के साथ भेल के अफसर,महिला एवं बच्चों ने भी किया टे्रन की सवारी
भोपाल
बीएचईएल, उद्योगनगरी में रहवासियों तथा आसपास के क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विनय निगम, कार्यपालक निदेशक,बीएचईएल, भोपाल एवं झांसी ने एक कार्यक्रम में बाल उद्यान, बरखेड़ा में बच्चों की टे्रन हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । इस अवसर पर बीएचईएल लेड़ीज क्लब की अध्यक्षा श्रीमती नविता निगम, क्लब की अन्य पदाधिकारियों के साथ साथ अविनाश चन्द्रा, महाप्रबंधक एवं अन्य महाप्रबंधकगण, कर्मचारी, विभिन्न ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि तथा उद्योगनगरी के रहवासी मौजूद थे ।
बीएचईएल उद्योगनगरी में स्थित यह उद्यान वर्षों से यहां के रहवासियों तथा समस्त भोपाल के नागरिकों तथा विशेषकर बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है । इस उद्यान में लगे विभिन्न तरह के फूलों के पौधे, गुलमोहर के वृक्ष, भारत के विभिन्न महापुरूषों की प्रतिमा, बच्चों के लिए सुमो पहलवान की मूर्ति, लक्ष्मण झूला, कृत्रिम झील और इन सबसे अधिक बच्चों की छुक-छुक गाड़ी अर्थात मिनी ट्रेन न सिर्फ बच्चों को बल्कि वयस्कों को भी लुभाती रही है ।
कोविड महामारी में बंद हो गई थी छुक-छुक ट्रैन
पिछले वर्षों में कोविड महामारी के कारण इस उद्यान में बच्चों और लोगों का आना-जाना काफी नगण्य रहा और इस कारण भोपाल में बहुचर्चित यह उद्यान एवं क्रीड़ा स्थल बच्चों तथा पर्यटकों के कोलाहल से वंचित हो गया । बीएचईएल प्रबंधन तथा कार्यपालक निदेशक ने इस महत्वपूर्ण एवं आकर्षक उद्यान को फिर से बच्चों तथा पर्यटकों के मनोरंजन के लिए इसके सौन्दर्यीकरण के साथ साथ बच्चों के मनोरंजन की सुविधाओं को फिर से बहाल करने को निर्णय लिया है, ताकि आने वाले गर्मी की छुट्टियों में बच्चे फिर से इस उद्यान में किलकारी भर सके । इसी को ध्यान में रखते हुए श्री निगम ने इस उद्यान के औपचारिक उद्घाटन के साथ साथ बच्चों के लिए मिनी ट्रेन का भी शुभारंभ किया ।
बच्चों तथा पर्यटकों ने इसका खुले दिल से स्वागत किया और ट्रेन की सवारी का आनंद लिया । इस ट्रेन के ट्रैक की कुल लंबाई लगभग 1 किलोमीटर है और ट्रेन में कुल 24 बच्चों के बैठने की जगह है । इस ट्रेन में सवारी के लिए प्रति बच्चे शुल्क रू. 20 मात्र है । इस दौरान बच्चों तथा पर्यटकों ने इसका खुले दिल से स्वागत किया और ट्रेन की सवारी का आनंद लिया । कारखाने के वक्र्स इंजीनियरिंग विभाग के अपर महाप्रबंधक व डीआरओ राजीव सरना व उनकी टीम ने इस मिनी टे्रन की मरम्मत कर मामूली खर्च में पार्क में चलने योग्य बनाया ।
