भोपाल
राजधानी की हरियाली को बचाने और अवैध कटाई पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम की उद्यान शाखा ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस नए प्रस्ताव के तहत न केवल पेड़ काटने और छंटाई की अनुमति का शुल्क बढ़ाया जा रहा है, बल्कि बिना अनुमति पेड़ की बलि देने वालों पर लगने वाले जुर्माने की राशि में भी भारी बढ़ोतरी की तैयारी है। वर्तमान में लागू ‘हास्यास्पद’ नियमों को खत्म कर अब अवैध कटाई पर सख्त आर्थिक दंड का प्रावधान किया जा रहा है।
1 के बदले अब लगाने होंगे 10 पौधे
नगर निगम अब एनजीटी (NGT) के मानकों को अपनाते हुए क्षतिपूर्ति के नियमों को कड़ा करने जा रहा है। अभी तक एक पेड़ काटने के बदले 4 पौधे लगाने की पुरानी व्यवस्था थी, जिसे अब बदलकर 1 के बदले 10 पौधे अनिवार्य किया जा रहा है। इससे पर्यावरण क्षतिपूर्ति का दायरा ढाई गुना बढ़ जाएगा। यह नियम एनएचएआई (NHAI) के बड़े प्रोजेक्ट्स की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर भी लागू होगा।
अनुमति महंगी, जुर्माना सस्ता: खत्म होगी यह विसंगति
निगम के वर्तमान नियमों में एक अजीब विसंगति बनी हुई है। अभी एक पेड़ काटने की विधिवत अनुमति लेने पर 11,800 रुपए खर्च होते हैं, जबकि बिना अनुमति पेड़ काटने पर जुर्माना मात्र 5,000 रुपए है। यानी नियम का पालन करना ही 6,800 रुपए महंगा पड़ता है। इसी विसंगति का फायदा उठाकर लोग अनुमति लेने के बजाय चोरी-छिपे पेड़ काट देते हैं। उद्यान शाखा के एमआईसी सदस्य अशोक वाणी के मुताबिक, इस जुर्माने की राशि को इतना बढ़ाया जाएगा कि अवैध कटाई करना दोषियों के लिए भारी पड़े।
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एमआईसी की हरी झंडी का इंतजार
उद्यान शाखा ने इस प्रस्ताव का मसौदा तो तैयार कर लिया है, लेकिन सोमवार को होने वाली निगम परिषद की बैठक में इस पर चर्चा नहीं हो सकेगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहले इसे मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में रखा जाएगा। एमआईसी से हरी झंडी मिलने और बढ़ी हुई राशि फाइनल होते ही इसे राजधानी में नियमानुसार प्रभावी कर दिया जाएगा। इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि शहर के ग्रीन कवर को अवैध रूप से नष्ट करने वालों पर लगाम लगेगी।
