पटना
बाहुबली आनंद मोहन सिंह की जेल से परमानेंट रिहाई को लेकर विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी आरोप लगा रही है कि आरजेडी के दवाब में नीतीश कुमार ने आनंद मोहन की रिहाई करवाई है। इस पर आनंद मोहन ने बीजेपी पर पलटवार किया है। आनंद मोहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘कहने के लिए बहुत कुछ कहा जा सकता है। गुजरात में भी नीतीश कुमार और राजद के दबाव में कुछ फैसला हुआ है। उसको जाकर देख लीजिए। माला पहनाकर वहां पर कुछ लोग छोड़े गए हैं। क्या वो भी आरजेडी और नीतीश कुमार के दवाब में छोड़े गए हैं। ‘ यह पूछे जाने पर कि क्या वह बिलकिस बानो मामले का जिक्र कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘हां, मैं यही बात कर रहा हूं। वहां तो बीजेपी सत्ता में है।
वहीं राजनीति में एक्टिव होने के सवाल पर आनंद मोहन ने कहा कि अभी तो बेटे चेतन आनंद की शादी को लेकर पैरोल पर जेल से बाहर आए हैं। समय आने दीजिए, मित्रों और बुरे वक्त के साथियों के साथ बैठेंगे तब फैसला लिया क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तो हम मांगलिक कार्यों के लिए बाहर आए हैं। फिर जेल जाएंगे। उसके बाद रिहाई पर ठप्पा लग जाएगा तो लौटकर आएंगे। शादी-विवाह के फुर्सत मिल जाएगी तब आगे की रणनीति पर फैसला लेंगे।
‘केवल दो परिवारों ने कष्ट झेले, एक लवली का और दूसरा उमा कृष्णैया का’
आनंद मोहन ने कहा कि इन 15 वर्षों में केवल दो परिवारों ने कष्ट झेले हैं। दो परिवार ही बर्बाद हुए, एक लवली आनंद (उनकी पत्नी) और मृत आईएएस अधिकारी की पत्नी उमा कृष्णैया। जो कष्ट झेले वो हम दो परिवारों ने ही झेले। दूसरों ने सिर्फ शो देखा।
बीजेपी ने आनंद मोहन की रिहाई को बताया गलत
बता दें, आनंद मोहन की रिहाई को बीजेपी ने गलत बताया है। बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से आनंद मोहन की रिहाई के लिए जेल नियमावली में संशोधन करना गलत फैसला था। उन्होंने कहा कि वो जमाना चला गया जब बाहुबली, अपराधी बंदूक के बल पर चुनाव में बूथ लूट लिया करते थे।
