नई दिल्ली
भारत में मेडिकल डिवाइसेज बनाने वाली कंपनियों के लिए खुशखबरी है। मोदी सरकार ने बुधवार को नेशनल मेडिकल डिवाइसेज पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और इस तरह के उपकरणों के आयात को कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी दी। मांडविया ने कहा कि इससे मेडिकल डिवाइसेज के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कैबिनेट ने एक और फैसला लिया है। बैठक में 157 नर्सिंग कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा एमबीबीएस के लिए 1 लाख 6 हजार सीटें रखी हैं।
मेडिकल डिवाइस सेक्टर का होगा विकास
इस पॉलिसी से मेडिकल डिवाइसेज सेक्टर को ग्रो करने में मदद मिलेगी। इस सेक्टर को अगले 5 वर्षों में वर्तमान के 11 अरब डॉलर से 50 अरब डॉलर तक ले जाने में मदद मिलेगी। सरकार पहले ही इस सेक्टर के लिए पीएलआई स्कीम ला चुकी है। साथ ही सरकार हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में 4 मेडिकल डिवाइस पार्क तैयार करने के लिए भी सपोर्ट बढ़ा रही है।
आ चुका है 714 करोड़ का निवेश
मेडिकल डिवाइस सेक्टर की पीएलआई स्कीम के तहत अब तक कुल 26 प्रोजेक्ट्स को अप्रूव किया गया है। इनमें 1206 करोड़ रुपये के निवेश का कमिटमेंट है। इसके अलावा अब तक 714 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है।
