वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल मैच में कंगारू टीम ने चौथी पारी में भारत को जीत के लिए 444 रन का बड़ा लक्ष्य दिया। भारत के लिए दूसरी पारी में ओपनिंग बल्लेबाजी करने के लिए कप्तान रोहित शर्मा के साथ शुभमन गिल आए और दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 41 रन की साझेदारी भी हुई। दोनों अच्छी बल्लेबाजी भी कर रहे थे, लेकिन इस पार्टनरशिप को स्कॉट बोलैंड ने तोड़ा जब उन्होंने शुभमन गिल को कैच आउट करवा दिया।
अंपायर ने दिया गलत फैसला
शुभमन गिल दूसरी पारी में 2 चौकों की मदद से 18 रन पर खेल रहे थे और उसी वक्त बौलेंड की एक गेंद शुभमन गिल के बल्ले का एज लेती हुई गली में खड़े कैमरन ग्रीन के पास चली गई और उन्होंने उसे पकड़ लिया। फैसला तीसरे अंपायर के पास गई और तीसरे अंपायर ने ज्यादा समय ना लेते हुए गिल को आउट करार दिया। रिप्ले में साफ तौर पर दिख रहा था कि जब ग्रीन कैच पकड़ रहे थे तब दो ऊंगलियां गेंद के नीचे थी, लेकिन जब वो गेंद उठा रहे थे तब गेंद फील्ड पर टकराती हुई दिख रही थी।
भज्जी, गावस्कर और दीपदास गुप्ता ने फैसले का किया विरोध
शुभमन गिल को गलत तरीके से आउट होने का हरभजन सिंह और दीपदास गुप्ता ने विरोध किया। भज्जी ने कहा कि जब आपके पास तकनीक है तो उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए था और तीसरे अंपायर ने ठीक के इस कैच को जज नहीं किया और गिल को गलत आउट करार दिया। वहीं दीपदास गुप्ता ने भी कहा कि गिल को गलत तरीके से आउट दिया गया और इस फैसले को सोचसमझ कर लिया जाना चाहिए था। अंपायर ने अपना फैसला सुनाने में बिल्कुल भी समय नहीं लिया और ये बहुत ही गलत हुआ।
गावस्कर ने भी इस कैच पर सवाल उठाए और कहा गिल को नॉट आउट दिया जाना चाहिए था। गिल को गलत आउट दिए जाने पर रिकी पोंटिंग ने भी सवाल उठाया और कहा कि क्या गेंद ने मैदान को छू लिया था। वहीं कुमार संगकारा ने गिल को नॉट आउट करार दिया और अंपायर के फैसले को गलत कहा। रवि शास्त्री ने इस विवादास्पद कैच पर सवाल उठाए और कहा कि क्या कैच पकड़ने के बाद गेंद लुढ़क गई थी।
सहवाग ने ट्वीट कर अंपायर के फैसले को गलत करार दिया
पूर्व भारतीय ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी अंपायर के फैसले को गलत करार दिया और ट्वीट कर लिखा कि अंपायर ने आंखों पर पट्टी बांधकर ये फैसला लिया। अंपायर द्वारा गलत फैसला दिए जाने के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने चीटmर-चीटर की आवाज लगानी शुरू कर दी। दर्शकों को भी साफ तौर पर दिख रहा था कि अंपायर के द्वारा गलत फैसला दिया गया।
