नोएडा
ग्रेटर नोएडा में ग्रेटर नोएडा यूपीएसआईडीसी के आरएम अनिल शर्मा के खिलाफ थाना कासना में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। अनिल शर्मा यूपी के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा के भाई हैं। आरोप है कि प्लॉट आवंटित किए जाने के बावजूद भी पीडि़त को कब्जा नहीं दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बुलंदशहर जिले के सिकंद्राबाद क्षेत्र में औद्योगिक भूखंड आवंटित किया गया। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें अब तक औद्योगिक भूखंड पर कब्जा नहीं मिला है।
नोएडा के रहने वाले मदनपाल त्यागी ने यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा और क्षेत्रीय प्रबंधक निदेशक आदि ने उनके साथ धोखाधड़ी करके जनपद बुलंदशहर के सिकंद्राबाद के औद्योगिक क्षेत्र में यूपीएसआईडीसी का प्लॉट आवंटित करने पर उनसे लाखों रुपये हड़प लिए की याचिका जिला न्यायालय में दी। एफआईआर के मुताबिक मदनपाल त्यागी का आरोप है कि उनके पक्ष में लीज डीड होने के बावजूद भी उनको अब तक प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया। पूर्व में जो प्लॉट उन्हें आवंटित किया गया था। उस प्लॉट की जगह पर उन्हें अन्य प्लॉट आवंटित किया गया है।
उनका कहना है कि इसके बाद भी उन्हें प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया जा रहा है। इन लोगों ने उनसे करीब 25 लाख रुपये अधिक ले लिए हैं। ये लोग सरकारी कर्मचारी हैं , उनसे जबरदस्ती धन हड़प कर रहे हैं। वहीं प्लॉट पर कब्जा भी नहीं दे रहे है। पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा की थाना बीटा-2 पुलिस पर शिकायत दी गयी। आरोप है कि थाना बीटा-2 की पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर रख लिया और कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
इसके बाद पीड़ित ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्त को 5 अप्रैल 2023 को रजिस्टर्ड डाक द्वारा अपनी पीड़ा बताई। उनका कहना है कि ये लोग सरकारी कर्मचारी व बड़े पदों पर आसीन अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर व थाना पुलिस की तरफ से जब कोई मदद नहीं मिली तो आखिर में थक हारकर इंसाफ की आस में जनपद न्यायालय में याचिका दी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर थाना कासना पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
