11.1 C
London
Monday, March 9, 2026
Homeराज्यविपक्षी एकता की मीटिंग में नीतीश के कंधे पर बड़ी सियासी जिम्मेदारी,...

विपक्षी एकता की मीटिंग में नीतीश के कंधे पर बड़ी सियासी जिम्मेदारी, बनाए गए 15 दलों के संयोजक

Published on

पटना

विपक्षी एकता की मुहिम को सफल बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पटना में हो रही विपक्षी एकता की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महती जिम्मेदारी दी गई है। नीतीश कुमार विपक्षी एकता के कन्वीनर का काम देखेंगे। सभी पार्टियों के नेताओं ने अपनी सहमति से इस पर मुहर लगा दिया है। नीतीश कुमार ही विपक्षी एकता की ओर से बनने वाले फ्रंट के मुख्य कर्ताधर्ता होंगे। नीतीश कुमार सभी पार्टियों में समन्वय स्थापित करने के साथ उसकी रणनीति तय करेंगे। नीतीश कुमार के नाम पर सभी दलों के मुखियाओं ने सहमति जताई। उसके बाद उस पर फाइनल मुहर लगा दिया गया।

नीतीश कुमार बने संयोजक
बैठक में नीतीश कुमार को 2024 के आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। बैठक के अंदर से मिल रही जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार विपक्षी एकता की होने वाली आगामी बैठक और सभी बड़े राजनीतिक फैसले के लिए जिम्मेदार होंगे। कांग्रेस सहित अन्य दलों ने नीतीश के नाम पर सहमति जताई जिसके बाद बाकी दलों ने उस पर अपनी मुहर लगाई है। उधर, पटना में हो रही विपक्षी एकता की बैठक के बीच तेलंगाना की वीआरएस पार्टी के नेता टी आर रामाराव ने मीडिया से बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार बहुत अच्छे नेता हैं। हमारा कांग्रेस के साथ मंच साझा करना संभव नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के साथ असहज होने की बात कही है। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि जिस बैठक में कांग्रेस हो वहां हम नहीं हो सकते हैं।

केजरीवाल और वीआरएस पार्टी की बात
वीआरएस के प्रमुख ने कहा है कि देश की वर्तमान हालात के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। हम कांग्रेस को माफ नहीं कर सकते हैं। हम बीजेपी और कांग्रेस के साथ नहीं जा सकते। वहीं, पटना में हो रही इस बैठक में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी मौजूद हैं और उनके साथ पंजाब के सीएम भी पहुंचे हैं। इस बैठक के पहले ही अरविंद केजरीवाल ने पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिया था। अरविंद ने कहा था कि वे इस बैठक में तभी शामिल होंगे, जब उन्हें इस बात की जानकारी मिल जाएगी कि कांग्रेस दिल्ली में केंद्र सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश का विरोध करने में उनकी मदद करेगी। केजरीवाल की इस शर्त पर खरगे ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि सदन में जब वो बात आएगी तब देखा जाएगा। केजरीवाल इस बात का प्रचार करने से बचें।

Latest articles

राजस्थान में ‘प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026’ को मिला जनसमर्थन, 18 लाख से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राजस्थान...

भोपाल के 30 इलाकों में कल 6 घंटे तक गुल रहेगी बिजली

भोपाल राजधानी के करीब 30 प्रमुख इलाकों में मंगलवार को बिजली की कटौती की जाएगी।...

गौतम नगर में सैलून संचालक ने दुकान में लगाई फांसी, सुसाइड नोट न मिलने से कारण अज्ञात

भोपाल राजधानी के गौतम नगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सैलून संचालक ने अपनी...

कोलार में 10वीं की छात्रा से दुष्कर्म, होली पर लापता हुई किशोरी मिली, आरोपी दोस्त गिरफ्तार

भोपाल राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ उसके दोस्त...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...