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जानबूझकर या भूलवश? अमित शाह की सभा में कैसे वसुंधरा को किया गया इग्नोर, जानिए पूरी बात

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उदयपुर

राजस्थान भाजपा में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। रह-रह कर पार्टी की गुटबाजी बाहर आ रही है। दो दिन पहले 28 जून को जोधपुर के बालेसर में हुई जनसभा के दौरान दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में बीजेपी के नेता मंच पर ही भिड़ गए थे। पूर्व विधायक के संबोधन के दौरान माइक हटा दिया गया था। अब 30 जून को उदयपुर में हुई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली में भी पार्टी की आपसी गुटबाजी का नजारा पूरे प्रदेश ने देखा। उदयपुर की सभा में अमित शाह की मौजूदगी में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को इग्नोर किया गया। हालांकि अमित शाह ने मंच से ही मामले को मैनेज कर लिया।

जानिए वसुंधरा राजे को कैसे किया गया इग्नोर
उदयपुर में बीजेपी की सभा में केंद्रीय मंत्री अमित शाह दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले सांसद दीया कुमारी, उपनेता सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित कुछ नेताओं ने सभा को संबोधित किया। अमित शाह के मंच पर पहुंचने के बाद नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया। जोशी के संबोधन के बाद राजेंद्र राठौड़ ने वसुंधरा राजे को इग्नोर करते हुए सीधे ही गृहमंत्री अमित शाह का नाम संबोधन के लिए पुकारा।

इस दौरान अमित शाह को पता चल गया कि वसुंधरा राजे का संबोधन तो हुआ ही नहीं। ऐसे में नाम पुकारे जाने के बाद भी शाह अपनी सीट से नहीं उठे और उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी को इशारा किया कि संबोधन के लिए वसुंधरा राजे का नाम पुकारा जाए। बाद में सीपी जोशी ने राजेंद्र राठौड़ से कहा और फिर राठौड़ ने संबोधन के लिए वसुंधरा राजे का नाम पुकारा।

जानबूझकर इग्नोर किया या भूल गए?
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में वसुंधरा राजे को इग्नोर करने की चर्चाएं जोरों पर रहीं। लोग एक दूसरे से यही पूछ रहे थे कि राजे को जानबूझकर इग्नोर किया गया या राजेंद्र राठौड़, वसुंधरा का नाम लेना भूल गए। बीजेपी के नेताओं का कहना है कि राठौड़ राजे को भूल गए थे लेकिन कांग्रेसी नेताओं के मुताबिक ऐसा संभव नहीं है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बराबर कुर्सी पर बैठी पूर्व मुख्यमंत्री को भला कैसे भूला जा सकता है। कारण जो भी हो लेकिन राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेसी नेताओं को एक मुद्दा जरूर दे दिया।

पार्टी के कार्यक्रमों से दूर रही हैं वसुंधरा
राजस्थान में पिछले साढ़े चार साल के दौरान वसुंधरा राजे पार्टी के कार्यक्रमों से अमूमन दूर ही रही हैं। पार्टी की ओर से हुई बैठकों में भी राजे कभी कभार ही शामिल हुई। पार्टी की ओर हुए विरोध प्रदर्शनों में भी वो केवल एक बार ही शामिल हुई। अमूमन उन्होंने पार्टी कार्यक्रमों से दूरी ही बनाए रखी। कभी पारिवारिक कारणों से और कभी व्यक्तिगत कार्यों की वजह से वे पार्टी के कार्यक्रमों में उपस्थित नहीं हुई। पिछले दिनों 24 जून को पार्टी के 15 सांसद और 8 विधायकों ने बीजेपी मुख्यालय से राजभवन तक पैदल मार्च किया और बाद में राज्यपाल को ज्ञापन दिया। पार्टी के इस कार्यक्रम में भी वसुंधरा राजे शामिल नहीं हुई थीं।

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