सीधी,
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से मंगलवार को एक बेहद अमानवीय और शर्मनाक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि बताए जा रहे प्रवेश शुक्ला नाम के शख्स को एक आदिवासी युवक पर पेशाब करते देखा जा सकता है. इस वीडियो के वायरल होने के साथ ही मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है.
एक तरफ बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला का कहना है कि प्रवेश शुक्ला उनके प्रतिनिधि नहीं है. वहीं, इस बीच सोशल मीडिया पर अखबार की एक न्यूज क्लीपिंग वायरल हो रही है, जिसमें प्रवेश शुक्ला के विधायक प्रतिनिधि चुने जाने की खबर है. इस क्लीपिंग में कहा गया है कि सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला ने प्रवेश शुक्ला को मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण कंपनी में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है. इसे लेकर केदारनाथ शुक्ला भी निशाने पर आ गए हैं.
इस बीच आरोपी प्रवेश शुक्ला के खिलाफ एनएसए लगा दिया गया है. पुलिस ने शुक्ला के घर पर दबिश दी है और उसकी मां और पत्नी को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है. प्रवेश शुक्ला भारतीय युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष है.
पीड़ित का शपथ पत्र
इस मामले में लगातार नए पहलू सामने आ रहे हैं. विपक्ष के हमलावर होने के बीच मामले में पीड़ित दशमत रावत का एक शपथ पत्र भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो झूठा और फर्जी है. प्रवेश शुक्ला ने उसके साथ ऐसा कोई कृत्य नहीं किया है.
इस शपथ पत्र में पीड़ित ने कहा है कि आदर्श शुक्ला और उसके अन्य साथी ने उस पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव बनाया था. इसके एवज में पैसे देने की बात कही थी. इस एफिडेविट में कहा गया है कि प्रवेश शुक्ला की छवि खराब करने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया गया था.
छह दिन पुराना है वीडियो
इस मामले पर रीवा रेंज के डीआईजी मिथलेश शुक्ला ने बताया कि आदिवासी शख्स पर पेशाब करने वाला भाजपा विधायक का प्रतिनिधि बताया जा रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है.
उन्होंने बताया कि सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला के विधायक प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला बहरी का रहने वाला है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बहरी थाने में मामला दर्ज किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक प्रतिनिधि पीड़ित शख्स के ऊपर पेशाब करते नजर आ रहा है. आरोपी और पीड़ित दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
डीआईजी मिथलेश शुक्ला ने बताया कि यह वीडियो छह दिन पुराना है. लेकिन पुलिस को यह वीडियो आज शाम चार बजे मिला है, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि पीड़ित पाले कोल मजदूर है और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ नहीं है. इस मामले पर पुलिस ने सीधी के बेहरी पुलिस स्टेशन में आरोपी प्रवेश शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 506 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है.
पीड़ित शख्स दशमत रावत दिहाड़ी मजदूर है. पुलिस का कहना है कि वह बहुत डरा हुआ है और फिलहाल पुलिस की कस्टडी में है. वह आरोपी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करवाना चाहता. पीड़ित के बारे में यह भी कहा जा रहा था कि वह मानसिक तौर पर अस्वस्थ है लेकिन वह मानसिक तौर पर पूरी तरह से फिट है.
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्त मिश्रा ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि सीधी जिले की यह घटना बेहद अमानवीय और निंदनीय है. मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने घटना के आरोपी के खिलाफ एनएसए लगाने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस पूरे मामले पर आज तक बीजेपी विधायक केदार शुक्ला से बातचीत की. इस बातचीत में विधायक केदार शुक्ला ने कहा कि आरोपी प्रवेश शुक्ला मेरा प्रतिनिधि नहीं है. मैं उसे जानता हूं लेकिन उसे मैंने प्रतिनिधि नहीं बनाया है. मेरे सिर्फ तीन प्रतिनिधि हैं.
