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Thursday, May 14, 2026
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चुनाव आयोग के दरवाजे तक पहुंची NCP की लड़ाई, शरद पवार ने कैविएट दाखिल कर दी ये जानकारी

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मुंबई

महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच खींचतान जारी है। बुधवार को दोनों ही गुटों ने अपनी-अपनी बैठक बुलाई है। बैठक को लेकर कई दावे भी किए जा रहे हैं। इससे पहले मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। शरद पवार गुट की ओर से एनसीपी के ताजा घटनाक्रम को लेकर चुनाव आयोग को जानकारी दी गई है। इसमें पार्टी से बगावत कर शपथ लेने वाले नेताओं की लिस्ट भी चुनाव आयोग को दी गई है। शरद पवार की ओर से पूरे मामले को लेकर कैविएट भी दाखिल की गई है।

क्या कांग्रेस में भी होने वाली है टूट?
NCP के बाद में अब कांग्रेस में भी जल्द टूट की खबरें सामने आ रही हैं। शिंदे सरकार के मंत्री रघुनाथ पटिल का हाल में बयान सामने आया है कि कांग्रेस के 17 विधायक जल्द हमारे साथ आने वाले हैं। एकनाथ शिंदे का जब विश्वासमत हुआ था तब भी कांग्रेस के कई विधायक गायब हो गए थे। इन विधायकों ने एमएलसी चुनाव के दौरान भी क्रॉस वोटिंग की थी। इसे लेकर बीजेपी भी काफी हद तक आश्वस्त नजर आ रही है। महाराष्ट्र की राजनीतिक को जानने वाले भी इस बात को खुलकर बोलते हैं कि कांग्रेस में कई गुट बन चुके हैं।

अजित गुट ने किया 40 विधायकों के समर्थन का दावा
एनसीपी के कुल 53 विधायक है। अजित गुट का दावा है कि उन्हें 40 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। राज्यपाल को लिखी चिट्ठी में भी 40 से अधिक विधायकों के समर्थन की बात की गई थी। समर्थन पत्र पर इन विधायकों के हस्ताक्षर भी मौजूद थे। हालांकि अजित पवार के अलावा 8 अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। सूत्रों का कहना है कि शरथग्रहण के दौरान अजित गुट के 17 अन्य विधायक भी मौजूद थे। ऐसे में यह संख्या 40 से काफी कम है। अगर अजित पवार को दलबदल कानून से बचना है तो उन्हें कम से कम 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

शरद पवार ले रहे कानून सलाह
अजित पवार के पास अगर 40 विधायकों को समर्थन हुआ तो उन्हें कानून रूप से काफी राहत मिल जाएगी। वह ना सिर्फ दलबदल कानून से बच पाएंगे बल्कि पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी अपना दावा कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ है महाराष्ट्र में कुछ वैसी ही स्थिति सामने आ सकती है जैसी शिवसेना में फूट के दौरान देखने को मिली थी। शरद पवार की टीम भी पूरे मामले को लेकर कानूनी सलाह ले रही है।

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