मुंबई
एनसीपी चीफ शरद पवार से अजित पवार की बगावत अब अगले दौर में पहुंच गई है. अब शरद पवार और अजित पवार दोनों गुट अपने आप को असली NCP बता रहे हैं. NCP किसकी… यह तय हो, इससे पहले दोनों गुटों ने आज अलग अलग बैठक बुलाई. अजित पवार की बैठक में 30 विधायक और 4 एमएलसी पहुंचे. बैठक को संबोधित करते हुए अजित पवार ने माना कि उन्होंने जितने विधायकों के समर्थन का दावा किया था, उतने इस बैठक में नहीं पहुंचे. उन्होंने कहा कि कई विधायक आज यहां नहीं हैं. कुछ अस्पताल गए हैं. कुछ पहुंच नहीं सके हैं. कुछ विधायक वाई बी चव्हाण सेंटर में हैं. लेकिन सभी मेरे संपर्क में हैं. वहीं, वाई.बी. चव्हाण सेंटर में हो रही शरद पवार गुट की मीटिंग में 13 विधायक और चार सांसद पहुंचे. एनसीपी के कुल 13 विधायक हैं. ऐसे में 10 विधायक अब तक किसी गुट में शामिल नहीं हुए हैं.
शरद पवार हमारे नेता और गुरु- अजित पवार
अजित पवार ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने ये कदम क्यों उठाया? यह बड़ा सवाल है. शरद पवार हमारे नेता और गुरु हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है. लेकिन आज देश में जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह देखने की जरूरत है. हम एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों के लिए काम करना चाहते हैं. उनके लिए काम करना हमारा सपना है. वह सीएम कैसे बने? तब भी वही स्थिति पैदा हुई. वसंतदादा पाटिल की सरकार. पतन हुआ और शरद पवार ने PULOD का गठन किया और 1978 में सीएम बने.
उन्होंने कहा, 1980 में कांग्रेस की सुनामी आई. इंदिरा गांधी फिर देश की पीएम बनीं. इतिहास देखिए देश को करिश्माई नेतृत्व की जरूरत है. अब कहां हैं जनता पार्टी, जो 77 में सत्ता में थे, वे अब कहीं नहीं हैं. क्योंकि उनके पास करिश्माई नेतृत्व नहीं है.
अजित पवार ने कहा, 1999 में पवार साहब ने कहा था कि सोनिया गांधी विदेशी हैं. वह हमारी पीएम नहीं हो सकतीं. हमने पवार साहब की बात सुनी. भुजबल साहब ने शिवाजी पार्क में रैली की. और हमने महाराष्ट्र में जाकर प्रचार किया और हमने 75 सीटें जीतीं. सभी को महत्वपूर्ण विभाग मिले. लेकिन मुझे कृष्णा खोरे महामंडल मिला, जो 6 जिलों तक सीमित था. लेकिन मैंने लगातार काम किया. शासन-प्रशासन पर मेरी पकड़ बनाई.
अजित पवार बोले- मेरे पास सभी विधायकों का समर्थन नहीं
अजित पवार ने माना कि बैठक में वे सभी विधायकों नहीं हैं, जिन्हें लेकर उन्होंने हस्ताक्षर करने का दावा किया था. उन्होंने कहा, कई विधायक आज यहां नहीं हैं. कुछ अस्पताल गए हैं. कुछ पहुंच नहीं सके हैं. कुछ विधायक वाई बी चव्हाण सेंटर में हैं. लेकिन सभी मेरे संपर्क में हैं.
जब हम शिवसेना के साथ जा सकते हैं, तो बीजेपी से क्या परेशानी- प्रफुल्ल पटेल
अजित खेमे के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, जब हम शिवसेना की विचारधारा स्वीकार कर सकते हैं, तो बीजेपी की विचारधारा से क्या दिक्कत है. जब महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला बीजेपी के साथ आ सकते हैं, तो एनसीपी के साथ आने में क्या दिक्कत है. उन्होंने कहा, आज प्रफुल्ल पटेल इस मंच से क्यों बोल रहे हैं, यह शरद पवार का मंच क्यों नहीं है? पूरा देश यही सवाल पूछ रहा है. लेकिन मैं इसके बारे में हर बात पर बात नहीं करने जा रहा हूं. लेकिन समय आने पर मैं सबकुछ बता दूंगा.
प्रफुल्ल पटेल ने कहा, बहुत सारे लोग अजित पवार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन पर कई बार आरोप लगा रहे हैं. 2022 में जब शिंदे गुट गुवाहाटी में था, हर विधायक और सांसद शरद पवार साहब के पास गए और उनसे पूछा…उनसे भाजपा के साथ जाने की अपील की, लेकिन वह तैयार नहीं थे.
उन्होंने कहा, 2019 में आपने पूछा कि अजित पवार ने राजभवन में जाकर फडणवीस के साथ शपथ कैसे ली? अगर उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर ऐसा किया था, तो उन्हें सरकार में डिप्टी सीएम और विपक्ष का नेता क्यों बनाया गया? मैं ज्यादा बात नहीं करना चाहता. जब समय आएगा, तब मैं किताब लिखूंगा, तब पूरा देश हिल जाएगा. आप सब जानते हैं कि मैं साये की तरह पवार साहब के साथ था, चाहे सही रहा हो या गलत. प्रफुल्ल पटेल ने कहा, हमने शरद पवार से अपील की थी कि हमारी बात सुनें और अपना आशीर्वाद दें. हमें अभी भी देर नहीं हुई है.
