नई दिल्ली
महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। अजित पवार शिंदे सरकार में शामिल होकर डिप्टी सीएम बन गए हैं तो शरद पवार भी अपनी राजनीति के दांव-पेंच में लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान चर्चा शिंदे गुट के नाराज़ विधायकों और नेताओं की भी हो रही है। जिन्हें अचानक एनसीपी नेताओं की सरकार में एंट्री ठीक नहीं लग रही है। खबर है कि प्रदेश के नए मंत्रीमण्डल में अपनी जगह की तलाश में आस लगाए बैठे कई नेताओं की उम्मीदों पर एनसीपी के सरकार में शामिल होने के बाद पानी फिर सकता है।
शिंदे गुट के नेता के इस बयान से समझिए कहानी
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नेता संजय शिरसाट का एक बयान सामने आया है। इससे आप समझ पाएंगे कि आखिर अजित पवार एंड टीम की सरकार में एंट्री के बाद शिंदे गुट में क्या हलचल है। संजय शिरसाट ने कहा, “राजनीति में जब हमारा प्रतिद्वंद्वी गिरोह हमारे साथ आना चाहता है, तो हमें उन्हें शामिल करना पड़ता है और भाजपा ने यही किया है। एनसीपी के हमारे साथ आने के बाद हमारे दल के लोग नाराज थे क्योंकि उनमें से कुछ हमारे नेताओं को उनका चाहा गया पद मिलना मुश्किल हो रहा है। यह सच नहीं है कि हमारे सभी नेता एनसीपी के हमारे साथ आने से खुश हैं।”
संजय थिरसाट के इस बयान से यह बात तो तय हो जाती है कि शिंदे गुट में अजित पवार की एंट्री के बाद हलचल हुई है और इसे लेकर एकनाथ शिंदे भी काफी सक्रिय दिखाई दिए हैं।
उन्होने आगे कहा, “हमने सीएम और डिप्टी सीएम को बता दिया है कि उन्हें इस मुद्दे को हल करना होगा… हम हमेशा एनसीपी के खिलाफ थे और आज भी हैं हम शरद पवार के खिलाफ हैं। शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को सीएम के रूप में इस्तेमाल किया था। जब उद्धव सीएम थे तो शरद पवार सरकार चलाते थे, अब इसका फैसला एकनाथ शिंदे ही करेंगे”।
आज महाराष्ट्र में दो बड़ी बैठक होनी हैं। अजित पवार और शरद पवार को यह दिखाना है कि किसके पास कितने विधायकों का समर्थन है और कौन एनसीपी का असल नेता है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गए हैं। मुंबई के उपनगर बांद्रा स्थित मुंबई एजुकेशन ट्रस्ट के परिसर में अजित पवार गुट के नेताओं की बैठक होनी है। शरद पवार गुट की बैठक में शामिल होने के लिए एनसीपी नेता अनिल देशमुख यशवंत राव चव्हाण केंद्र पहुंच गए हैं। वह महाराष्ट्र के गृहमंत्री रह चुके हैं।
