6.3 C
London
Friday, March 13, 2026
Homeराज्यबगावत से दो दिन पहले ही अजित पवार ने NCP पर ठोक...

बगावत से दो दिन पहले ही अजित पवार ने NCP पर ठोक दिया था दावा, चाचा शरद पवार कैसे हो गए ‘क्लीन बोल्ड’

Published on

मुंबई

अजित पवार 2 जुलाई को न सिर्फ बागी नेता के रूप में बल्कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में शिंदे सरकार में शामिल हुए थे। इस घटनाक्रम के दो दिन बाद यह सामने आया है कि अजित पवार ने 30 जून को ही चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा ठोक दिया था। साथ ही उन्होंने ईसी को यह भी सूचित किया था कि भारी बहुमत के चलते एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चाचा शरद पवार नहीं, बल्कि वह खुद हैं।

अजित पवार ने चुनाव आयोग के समक्ष दावा किया था कि पार्टी के विधायी और संगठनात्मक विंग के सदस्यों के भारी बहुमत के साथ वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यानी 2 जुलाई को अजित पवार के महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने से 2 दिन पहले ही एनसीपी की लड़ाई चुनाव आयोग तक पहुंच चुकी थी।

2019 से सबक लेकर पहले से कर ली थी तैयारी
यहां तक कि बुधवार को चुनाव आयोग के समक्ष 40 विधायकों के समर्थन वाला जो हलफनामा पेश किया गया, उसमें भी 30 जून की तारीख अंकित है। मतलब साफ है कि पिछली बार की गलतियों से सबक लेते हुए अजित पवार गुट ने पहले से ही योजना बना ली थी।

इससे पहले जब 2019 में अजित पवार ने पहली बार शरद पवार से बगावत कर बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी तो उन्हें अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। तब अजित पवार के पास पार्टी के अंदर पर्याप्त समर्थन नहीं था। इस बार उन्होंने पहले वाली गलती दोहराए बिना चाचा शरद पवार को चारों खाने चित कर दिया।

तीन दिन नरम पड़े चाचा के तेवर
अजित पवार की ‘गुगली’ से इस बार महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार भी ‘क्लीन बोल्ड’ हो गए। 2 जुलाई को अजित की बगावत के बाद शरद पवार ने कहा था कि ये पहली बार नहीं है, वह पहले भी ऐसी बगावत देख चुके हैं। उन्होंने अजित पर जमकर आक्रोश जताया था लेकिन तीन दिन बाद ही उनके तेवर नरम पड़ते नजर आए।शरद पवार ने बुधवार को मीटिंग के बाद कहा कि अगर आप (अजित) किसी चीज से खुश नहीं थे तो बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए था। मुझसे चर्चा कर सकते थे।

नंबर गेम में अजित पवार आगे
नंबर गेम के मामले में भी अजित पवार चाचा से आगे निकलते दिख रहे हैं। बुधवार की बैठक में अजित पवार के समर्थन में 31 विधायक एकजुट हुए थे। जबकि 4 एमएलसी भी मीटिंग में शामिल थे। वहीं शरद पवार की बैठक में 13 विधायक और 4 सांसद ही इकट्ठा हुए थे। महाराष्ट्र में एनसीपी के 53 विधायक हैं।

 

Latest articles

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

ईरान जंग का असर: देश में रसोई गैस का हाहाकार, ब्लैक में 1800 तक पहुंचा घरेलू सिलेंडर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बाद भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत...

शादी के लिए पुजारी का अपहरण कर वसूले 50 हजार, मंडप से गिरफ्तार हुआ गैंग सरगना ‘भूरा हड्डी’

भोपाल जधानी की कोहेफिजा पुलिस ने पुजारी के अपहरण और अवैध वसूली के मामले में...

एमपी में बेटियां आजीवन पूजी जाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति के सम्मान और उनके...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...