6.3 C
London
Friday, March 13, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयखालिस्‍तानी धमकी पर जयशंकर गलत, हिंसा को गंभीरता से लिया... जस्टिन ट्रूडो

खालिस्‍तानी धमकी पर जयशंकर गलत, हिंसा को गंभीरता से लिया… जस्टिन ट्रूडो

Published on

ओटावा

कनाडा में खालिस्‍तान के बढ़ते प्रभाव को देश के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पूरी तरह से नकार दिया है। ट्रूडो ने एक बयान दिया है जिसमें साफ नजर आ रहा है कि वह इस मसले पर अपना बचाव कर रहे हैं। पिछले दिनों कनाडा में भारतीय दूतावास के बाहर कुछ पोस्‍टर लगे थे जिन पर भारतीय राजनयिकों की फोटो थीं। इन फोटो में इन राजनयिकों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। साथ ही आठ जुलाई को ओटावा, वैंकुवर और टोरंटो में खालिस्‍तानियों ने एक मार्च निकालने का भी ऐलान किया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर ट्रूडो की यह प्रतिक्रिया आई है।

ट्रूडो ने किया अपना बचाव
पिछले दिनों कनाडा में भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्‍या का जश्‍न मनाते हुए एक झांकी निकाली गई थी। ट्रूडो से इसी से जुड़ा सवाल पूछा गया था। यह सवाल कुछ इस तरह से था, ‘भारत सरकार का कहना है कि आप सिख चरमपंथ पर नरम रुख अपना रहे हैं क्योंकि आप उस समुदाय के वोटों पर भरोसा करते हैं?’ इस पर ट्रूडो ने जवाब दिया, ‘भारत सरकार गलत हैं। कनाडा ने हमेशा हिंसा और हिंसा की धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया है। हमने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की है और हम हमेशा करेंगे।’

ट्रूडो बोले-हमारा देश विविधता पूर्ण
ट्रूडो ने आगे कहा, ‘हमारा देश बेहद विविधतापूर्ण है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे पास है। लेकिन हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि हम हिंसा और उग्रवाद के सभी रूपों का मुकाबला कर सकें।’ कनाडा, अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और यूके में बढ़ती खालिस्‍तानी गतिविधियों पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में एक बयान दिया था। उन्‍होंने कहा था कि ‘कट्टरपंथी, चरमपंथी’ खालिस्तानी विचारधारा भारत या उसके सहयोगी देशों के लिए अच्छी नहीं है। इस पर कनाडा की तरफ से भी भारत को राजनयिकों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया था। देश की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने इस पर बयान भी जारी किया था।

खालिस्‍तान के समर्थक ट्रूडो
ट्रूडो को उस पीएम के तौर पर देखा जाता है जो अक्‍सर खालिस्‍तान के प्रति नरम रवैया रखते हैं। साल 2018 में जब वह भारत आए थे तो उनके दौरे पर भी बड़ा बवाल हुआ था। वह ट्रूडो का पहला दौरा था और उनके साथ खालिस्‍तानी आतंकी जसपाल अटवाल भी आने वाले थे। लेकिन आखिरी मौके पर भारत की आपत्ति की वजह से उनका आमंत्रण सरकार की तरफ से कैंसिल किया गया। लेकिन अटवाल की फोटोग्राफ ट्रूडो की पत्‍नी सोफी के साथ सामने आईं और उन्‍हें जबरदस्‍त आलोचना का शिकार होना पड़ा था।

Latest articles

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

ईरान जंग का असर: देश में रसोई गैस का हाहाकार, ब्लैक में 1800 तक पहुंचा घरेलू सिलेंडर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बाद भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत...

शादी के लिए पुजारी का अपहरण कर वसूले 50 हजार, मंडप से गिरफ्तार हुआ गैंग सरगना ‘भूरा हड्डी’

भोपाल जधानी की कोहेफिजा पुलिस ने पुजारी के अपहरण और अवैध वसूली के मामले में...

एमपी में बेटियां आजीवन पूजी जाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति के सम्मान और उनके...

More like this

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, ईरानी मीडिया ने दी जानकारी

ईरानी मीडिया तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के...