यमुना नगर,
पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मॉनसून की बारिश ने खूब कहर बरपाया है. देश की राजधानी दिल्ली तो बाढ़ का दंश झेल ही रही है. वहीं, हरियाणा में भी बाढ़ ने कम नुकसान नहीं किया है. हरियाणा के कई जिलों में भारी जलभराव देखने को मिल रहा है. राज्य के यमुना नगर जिला पूरी तरह पानी-पानी हो चुका है. खेत-खलिहान, सड़क बाजार हर जगह जलभराव ही नजर आ रहा है.
खेतों में खड़ी फसल बाढ़ में डूबकर बर्बाद
जिले का सुखदासपुर गांव भी बाढ़ से अछूता नहीं है. चेतंग नदी के ओवरफ्लो होने से सुखदासपुर में हर तरफ पानी ही नजर आ रहा है. खेतों में खड़ी किसानों की धान की फसल पानी में डूब गई है. गांव की मुख्य सड़क पर भी करीब चार फुट तक पानी जमा है. पूरे गांव में पानी भरते देखकर गांव के 50 वर्षीय किसान इंद्राज को अपने खेतों की चिंता सताने लगी है. वह किसी तरह अपने खेत तक पहुंचे तो देखा कि फसल बर्बाद हो चुकी है. जिससे उनको गहरा सदमा पहुंचा.
सदमे में किसान की मौत
घर पहुंचते ही इंद्राज की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई. सड़कों पर पानी भरा होने के चलते परिजन उन्हें ट्रैक्टर पर डॉक्टर के पास ले गए. रास्ता क्लियर नहीं मिलने के चलते डॉक्टर तक पहुंचने में काफी वक्त लगा. पड़ोसी दीप चंद ने बताया कि डॉक्टर ने जांच के बाद इंद्रराज को मृत घोषित कर दिया.
सुखदासपुर गांव के बगल से निकलती है चेतंग नदी
सरपंच भूपिंदर सैनी ने बताया कि गांव के पास से चेतंग नदी निकलती है. चेतंग नदी ओवरफ्लो होने की वजह से खेतों में पानी भर गया है. उन्होंने बताया कि इंद्राज का दाह संस्कार करने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सगे-संबंधियों व रिश्तेदारों को ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से सरस्वती नगर से सुखदासपुर लाया गया. गांव से बाहर जाने व आने के लिए सिर्फ ट्रैक्टर ही सहारा है.Live TV
