नई दिल्ली
जिसके पास करोड़ों-अरबों की दौलत हो, 400 कमरे वाला घर हो, उसे काम करने की क्या जरुरत हैं? अधिकतर लोग यही सोचते हैं लेकिन ग्वालियर राजघराने में जन्म लेने के बावजूद महाआर्यमन सिंधिया ने अपने दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। राजघराने की परंपरा से अलग हटकर उन्होंने कारेबार जगत में कदम रखा है। पिता राजनीति के बड़े खिलाड़ी हैं, केंद्र सरकार में मंत्री हैं। विरासत में राजनीति को मिली ही है, उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी कंपनी शुरू की। राजनीति में पिता की मदद करने के साथ-साथ वो बिजनेस जगत में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। बीते साल उन्होंने अपना नया स्टार्टअप शुरू किया है।
कौन हैं महाआर्यमन सिंधिया
ग्वालियर राजघराने के वारिस, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया ने साल 2022 में MYमंडी नाम से नया स्टार्टअप शुरू किया। महाआर्यमन MYमंडी के को फाउंडर हैं। अरबों की दौलत के बावजूद अपने दम पर अपनी पहचान बनाने के लिए उन्होंने अपने दोस्त सूर्यांश राणा के साथ मिलकर कृषि स्टार्टअप कंपनी MYमंडी की शुरुआत की। हाल ही में उनके स्टार्टअप ने 1 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है।
फल-सब्जियों से जुड़ा कारोबार
महाआर्यमन सिंधिया की कंपनी माईमंडी लोगों को ताजे फल और सब्जियां उपलब्ध करवाती है। उनकी कंपनी MyMandi ताज़ी सब्ज़ियां और फल पुश-कार्टर कम्युनिटी को उपलब्ध करवाते हैं। उनकी कंपनी एक ऑनलाइन एग्रीगेटर है जो ताजी फल और सब्जियां सप्लाई करता है। कंपनी एकसाथ ब्लक फल- सब्जियां खरीदती हैं और फिर उसे सब्जी विक्रेताओं को भेजती है।
पहले साल में ही कमाल
फिलहाल यह कंपनी 4 शहरों जयपुर, ग्वालियर, नागपुर और आगरा में काम कर रहा है। धीरे-धीरे इसका विस्तार देशभर के शहरों में करने का प्लान है। एक साल से भी कम वक्त में उनकी कंपनी का रेवेन्यू 1 करोड़ रुपये प्रति माह पर पहुंच गया है।
बिजनेस में कुछ बड़ा करने की कोशिश
आर्यमन को इस बिजनेस से इतना प्यार है कि वो खुद सामान खरीदने मंडी पहुंच जाते हैं। पहचान छिपाने के लिए चेहरा ढ़क लेते हैं। उनका मकसद अपने स्टार्टअप के जरिए किसानों की मदद करना है। उन्हें उनकी फसल की सही कीमत मिल सके। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी कंपनी इस साल के अंत कर 4.5-5 करोड़ का टर्नओवर हासिल कर लेगी। साल 2023-24 के अंत तक उनका लक्ष्य मंथली 5 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है।
राजघराने से ताल्लुक
महाआर्यमन सिंधिया राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। 27 साल के आर्यमन ग्वालियर स्थित जयविलास महल में रहते हैं। इस महल में 400 से अधिक कमरे हैं। महाआर्यमन सिंधिया की शुरुआती पढ़ाई पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह दून स्कूल से हुई है। उसके बाद उन्होंने गेल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उन्हें म्यूजिक और क्रिकेट का बड़ा शौक है। उन्हें लोगों ने मिलना-जुला पसंद है।
4000 करोड़ का महल
जय विलास महल को साल 1874 में बनाया गया था। उस वक्त इस महल को बनाने में 1.1 करोड़ रुपये का खर्च आया था। आज इस महल की कीमत करीब 4000 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह महल 124771 वर्गफीट में फैला हुआ है। महल के एक हिस्से को अब म्यूजियम के तौर पर डेवलप किया गया है।
कितनी है संपत्ति
महाआर्यमन की संपत्ति के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के चुनावी हल्फनामे के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति 379 करोड़ रुपये है। आर्यमन सिंघिया के एकलौते बेटे हैं। उनकी एक बेटी भी है।
