मुंबई
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एनसीपी से बगावत कर एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस को समर्थन देकर सरकार में शामिल होने का फैसला किया। इस बीच एनसीपी प्रवक्ता और विधायक अमोल मिटकरी ने अजित पवार के मुख्यमंत्री बनने का दावा किया। मिटकरी ने अजित पवार के जन्मदिन के मौके पर ट्वीट कर कहा कि अजित पवार जल्द ही मुख्यमंत्री बनेंगे। ट्वीट में लिखा कि महाराष्ट्र में जल्द ही अजित पर्व… मैं अजित अनंतराव पवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाता हूं कि…। मिटकारी के इस ट्वीट ने महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल ला दिया है। आलम यह है कि अजित पवार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। इन चर्चाओं के बारे में अब एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने साफ शब्दों में बयान दिया है।
सुनीत तटकरे ने कहा कि यह तब साफ हो गया जब हम राज्य सरकार में शामिल हुए। अब हम महागठबंधन में एनडीए के घटक हैं। राज्य की जनता और कार्यकर्ता जरूर चाहते हैं कि दादा मुख्यमंत्री बनें, लेकिन फ्रंटलाइन राजनीति की अनिवार्यता को देखते हुए हमने भविष्य में एनडीए के माध्यम से काम करने का फैसला किया है। सुनील तटकरे ने यह कहकर दादा के मुख्यमंत्री पद के मुद्दे को साफ कर दिया है कि आज मुख्यमंत्री पद का सवाल ही नहीं उठता है।
एकनाथ शिंदे इस समय मुख्यमंत्री
इस बीच जहां अजित पवार को भावी मुख्यमंत्री बताया जा रहा है, वहीं एनसीपी के शरद पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। जयंत पाटिल ने कहा कि यह उनकी राय है। एकनाथ शिंदे इस समय मुख्यमंत्री हैं। अजित पवार किस गणित से और कैसे मुख्यमंत्री बन सकते हैं, यह जाने बिना बात करना ठीक नहीं होगा।
एनसीपी विधायकों पर धन वर्षा
दरअसल वित्त विभाग का कार्यभार संभालने के एक हफ्ते के भीतर ही उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एनसीपी के बागी विधायकों पर धन की वर्षा कर दी है। उन्होंने इन विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की। जहां चर्चाएं चल रही हैं कि इस बात से शिवसेना विधायक नाराज हैं। वहीं तटकरे ने इन चर्चाओं का खंडन किया है और साफ किया है कि कोई भी विधायक नाराज नहीं है।
