नई दिल्ली,
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के सेक्टर में देश को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की पूरी कोशिश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं और दूसरे दिन उन्होंने गांधीनगर में सेमीकंडक्टर उद्योग पर बेस्ड प्रदर्शनी सेमीकॉन इंडिया का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे सॉफ्टवेयर को अपडेट करना आवश्यक होता है, वैसे ही यह कार्यक्रम भी है. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से उद्योग, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के साथ संबंध अपडेट होते रहते हैं और मेरा यह भी मानना है कि संबंधों में तालमेल के लिए यह जरूरी है.
21वीं सदी में सभी के लिए अवसर मौजूद
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी के भारत में हर किसी के लिए अवसरों की भरमार है और भारत कभी किसी को निराश नहीं करता है. इस सेक्टर पर जिस तरह से सरकार फोकस कर रही है और भारत ही नहीं बल्कि विदेशी कंपनियां भी देश में निवेश के दावे कर रही हैं, उसे देखकर ये कहना गलत न होगा भारत में Semiconductor क्रांति आने वाली है. प्रधानमंत्री आज कई भारतीय व विदेशी कंपनियां और स्टार्टअप भारत की इस क्रांति का हिस्सा बन रही हैं.
बिजनेस को दोगुना-तिगुना करने की क्षमता
Semicon India 2023 में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत का लोकतंत्र, भारत की जनसांख्यिकी और भारत से मिलने वाला लाभांश आपके व्यवसाय को दोगुना, तिगुना कर सकता है. उन्होंने कहा कि हम भारत के डिजिटल सेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से इजाफा देख रहे हैं. कुछ साल पहले भारत इस क्षेत्र में एक उभरता हुआ खिलाड़ी था और आज वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में हमारी हिस्सेदारी कई गुना बढ़ गई है.
PM Modi ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि साल 2014 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 30 अरब डॉलर से भी कम था, लेकिन आज यह 100 अरब डॉलर को पार कर गया है. सिर्फ 2 साल में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात दोगुना हो गया है. भारत में निर्मित मोबाइल फोन का निर्यात भी दोगुना हो गया है. जो देश कभी मोबाइल फोन का आयातक था, वह आज दुनिया के बेहतरीन मोबाइल फोन बनाकर उनका निर्यात कर रहा है.
अमेरिका में हुए तीन सेमीकंडक्टर करार
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बीते दिनों संपन्न हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान, तीन प्रमुख सेमीकंडक्टर समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें पहला माइक्रोन प्रौद्योगिकी (Micron Technology), दूसरा Applied Materials और जटिल इक्विपमेंट्स (जो सेमीकंडक्टर निर्माण में प्रयोग होते हैं) उनका निर्माण भारत में किया जाएगा और तीसरा लैम रिसर्च, यह अपने सेमीवर्स प्लेटफॉर्म पर 60,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करेगा. वहीं
Foxconn अध्यक्ष ने कही बड़ी बात
सेमीकॉन इंडिया 2023 में शामिल हुए सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में दिग्गज ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) के अध्यक्ष यंग लियू ने कहा, ‘जहां चाह… वहां राह, मैं भारत सरकार के दृढ़ संकल्प को महसूस कर सकता हूं. मैं इस बारे में बहुत आशावादी हूं कि भारत कैसा होगा. पीएम मोदी ने एक बार उल्लेख किया था कि IT का मतलब भारत और ताइवान है.’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि ताइवान आपका सबसे भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार है और रहेगा.’ बता दें फॉक्सकॉन तमिलनाडु में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.
AMD भारत में करेगी 400 मिलियन डॉलर का निवेश
फॉक्सकॉन, माइक्रॉन के अलावा अब अमेरिकी चिप निर्माता एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले पांच वर्षों में भारत में लगभग 400 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी. इसके जरिए कंपनी बेंगलुरु के टेक हब में अपना सबसे बड़ा डिजाइन सेंटर बनाएगी. ये ऐलान एएमडी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी मार्क पेपरमास्टर (Mark Papermaster) ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के दौरान किया. इस दौरान Micron के सीईओ संजय मेहरोत्रा शामिल थे.
