मुंबई
शिरडी दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को साईं प्रसादालय का मराठमोल खाना बहुत पसंद आया। ऐसे में उन्होंने राष्ट्रपति भवन में यहां के रसोइयों को कुछ दिनों के लिए दिल्ली बुलाया है। इस संबंध में शिरडी संस्थान को राष्ट्रपति भवन से पत्र मिला है। इसके बाद साईं प्रसादालय के दो रसोइये राहुल वाहदाने और गोरक्षनाथ कार्डिले 29 जुलाई को दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।
दरअसल राष्ट्रपति 7 जुलाई को शिरडी आईं थीं। उस समय उन्हें मेथी, मटकी, आलू जीरा, चपाती, साध वरण-चावल, गवरन घी, आलू वड़ापाव, सलाद, पापड़ और चटनी का मराठामोला मेनू परोसा गया था। जैसा कि उन्हें लगता है उन्होंने साईं प्रसादालय के रसोइयों को दिल्ली बुलाया है। वहां उनका अभिनंदन भी किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने साईं प्रसादालय में किया था सादा भोजन
राष्ट्रपति मुर्मू जो जुलाई में साईं समाधि के दर्शन के लिए शिरडी आईं थीं। उन्होंने होटल में खाने के बजाय साईं प्रसादालय में सादा भोजन करना पसंद किया। इसके बाद वीआईपी प्रसादालय में उनके लिए भोजन तैयार किया गया था। साईं समाधि के भक्तिभाव से दर्शन करने के बाद वह कुछ देर तक भक्तों के साथ टहलीं। इसके बाद उन्होंने प्रसादालय में जाकर भोजन किया।
राष्ट्रपति को पसंद आई थी मूंगफली की चटनी
लाखों भक्तों को महाप्रसाद के रूप में भोजन परोसने वाले शिरडी के प्रसादालय भी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। यहां अधिकतर स्थानीय रसोइये हैं। चूंकि राष्ट्रपति को उस दिन मराठामोथा मेनू परोसना था, इसलिए जिम्मेदारी वहाडेन और कार्डिले को सौंपी गई थी। उन्हें वहां की बनी मूंगफली की चटनी खासतौर पर पसंद थी।
चटनी बनाने का पूछा था तरीका
बताया गया कि राष्ट्रपति ने वहां मौजूद रसोइयों और कर्मचारियों से इस चटनी को बनाने का तरीका भी पूछा। इसके अलावा उन्होंने प्रसादालय की कार्यप्रणाली देखी और उसके बारे में जाना। अब इन्हीं रसोइयों को एक बार फिर दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन बुलाया है। ऐसे में उनको राष्ट्रपति को अपने हाथों से एक बार फिर खाना खिलाने का मौका मिला है।
