जयपुर
राजस्थान के भीलवाड़ा में गत दोनों 14 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए भट्टी कांड के बाद बीजेपी सांसद रामचरण बोहरा और राजेंद्र सिंह गुढ़ा की मुश्किले बढ़ गईं हैं। भट्टी कांड की पीड़िता का नाम और पहचान उजागर करने के मामले को लेकर राजस्थान बाल संरक्षण आयोग ने दोनों ही नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस नोटिस में बाल संरक्षण आयोग ने कहा कि नाबालिग पीड़िता का पहचान उजागर करना कानूनी रूप से अपराध है। इस तरह के कृत्य करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिससे लोगों को जागरूकता का संदेश मिल सके।
गुढ़ा और बोहरा ने पीड़िता की पहचान उजागर की
भीलवाड़ा की भट्टी कांड को लेकर बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने गत दिनों नाबालिग पीड़िता की पहचान को उजागर कर दिया। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। इसमें गुढ़ा ने पीड़िता की फोटो और उसका नाम भी पोस्ट किया। जो कानून के खिलाफ है। इसी तरह बीजेपी सांसद रामचरण बोहरा ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान कैंडल मार्च में पोस्टर में नाबालिग की फोटो लगी हुई थी। इसको लेकर राजस्थान बाल संरक्षण आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए दोनों नेताओं के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
अध्यक्ष ने कहा- पहचान उजागर करने वालों पर होगी कार्रवाई
भीलवाड़ा के भट्टी कांड की नाबालिग की पहचान उजागर करने के मामले को लेकर बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया। इस मामले में आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि किसी भी नाबालिग पीड़िता की पहचान नाम, घर का पता या फोटो आदि उजागर करना दंडनीय अपराध है। इस दौरान प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सुअल एब्यूज एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 74 के तहत ऐसे कार्य करने पर 6 माह से 1 साल तक का कठोर कारावास और दो लाख रुपए का अर्थदंड अथवा दोनों ही सजाओं का प्रावधान है।
