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चावल दो, टमाटर लो’, भारत को टमाटर की सप्लाई कर रहे नेपाल ने कर दी ऐसी मांग

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नई दिल्ली,

टमाटर की कीमतों को लेकर मचे हाहाकार के बीच भारत की मदद के लिए पड़ोसी देश नेपाल सामने आया है. एक अधिकारी ने बताया है कि देश में टमाटर की आपूर्ति बढ़ाने के लिए नेपाल से भारी मात्रा में टमाटर का आयात किया गया है. नेपाल से आयातित टमाटर अभी रास्ते में है और देश पहुंचते ही इसे उत्तर भारतीय राज्यों में आपूर्ति बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.हिंदुस्तान टाइम्स को मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने जानकारी दी कि नेपाल से आयातित टमाटर को उत्तर भारतीय राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश में भेजा जाएगा.

देश में टमाटर की कीमतें जुलाई के महीने से बढ़नी शुरू हुई थीं और एक वक्त ऐसा आया जब टमाटर 250 रुपये किलो बिकने लगा. कुछ जगहों पर टमाटर 300 रुपये किलो भी बिका. सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए सब्सिडी पर टमाटर बेचना शुरू किया है. सब्सिडी वाले टमाटर की हालिया कीमत घटकर 50 रुपये हो गई है जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत मिली है.सरकार की तरफ से टमाटर की आपूर्ति बढ़ाने के बाद टमाटर की खुदरा कीमत औसतन 100 रुपये प्रतिकिलो हो गई हैं.

भारत को पहली बार आयात करना पड़ रहा टमाटर
आउटलुक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टमाटर की बढ़ती कीमतों के बीच भारत पहली बार टमाटर का आयात कर रहा है. शुक्रवार को नेपाल की कृषि मंत्रालय की प्रवक्ता शबनम शिवकोटी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि नेपाल भारत को टमाटर जैसी सब्जी भेजने का इच्छुक है लेकिन इसके लिए पहले भारत को अपने बाजार में आसान पहुंच और बाकी दूसरी जरूरी सुविधाएं देनी होगी.नेपाल में काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में भारी मात्रा में उगाया जाता है. इनमें से कुछ टमाटर अनाधिकारिक तरीके से भारत में हमेशा से पहुंचता रहा है.

टमाटर के बदले चावल की मांग
नेपाल के अखबार द काठमांडू पोस्ट की एक खबर के मुताबिक, टमाटर भेज रहे नेपाल ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वो नेपाल को चावल और चीनी निर्यात करे बदले में नेपाल लंबे समय तक भारत को टमाटर का निर्यात करेगा.

भारत सरकार ने घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 20 अगस्त को गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस प्रतिबंध से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित भारत के पड़ोसी नेपाल पर भी बड़ा असर पड़ा है. भारत के चावल निर्यात पर प्रतिबंध से नेपाल में चावल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं.

नेपाल ने पहले भी आधिकारिक रूप से भारत से कहा था कि वो आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए नेपाल को चावल और चीनी का निर्यात न रोके. नेपाल के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया था कि वो नेपाल को 10 लाख टन धान, एक लाख टन चावल और 50 हजार टन चीनी का निर्यात करे.

पिछले हफ्ते मंत्रालय के संयुक्त सचिव रामचंद्र तिवारी ने कहा था, ‘कुछ दिनों पहले हमने विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारत की सरकार से आग्रह किया था कि वो हमें अनाज और चीनी की आपूर्ति करे. हालांकि, हमें अब भी भारत सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है.’

खाद्यान्नों के लिए भारत पर निर्भर नेपाल
त्योहारी सीजन में नेपाल में खाद्यान्नों की कीमतें बढ़ जाती हैं. नेपाल भारत से आायातित खाद्यान्नों पर निर्भर है इसलिए भारत की तरफ से किसी भी निर्यात प्रतिबंध का उस पर गहरा असर होता है.वित्त वर्ष 2021-22 में नेपाल ने भारत से 14 लाख टन चावल,13.8 लाख टन गैर-बासमती चावल और 19 हजार टन बासमती चावल आयात किया था.

नेपाल के व्यापारियों का कहना है कि भारत के चावल निर्यात पर अचानक प्रतिबंध से खुदरा चावल की कीमतें अचानक से काफी बढ़ गई हैं. 25 किलो चावल का बैग जहां पहले 200 रुपये किलो मिलता था, अब उसकी कीमत 250 रुपये हो गई है. उनका कहना है कि त्योहारी सीजन में कीमतें और बढ़ेंगी.

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