पटना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार बिबेक देबरॉय के सुझाव पर सियासी बवाल मचा हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख बिबेक देबरॉय के आर्थिक सलाहकार के सुझाव के बाद ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। लालू प्रसाद यादव ने कहा- ‘प्रधानमंत्री मोदी का कोई आर्थिक सलाहकार है बिबेक देबरॉय। वह बाबा साहेब के संविधान की जगह नया संविधान बनाने की वकालत कर रहा है। क्या प्रधानमंत्री की मर्जी से यह सब कहा और लिखा जा रहा है? संवैधानिक संस्थाओं को समाप्त करने पर तुली मोदी सरकार अब संविधान पर हमला कर सीधा संविधान ही समाप्त करने की बात कहने लगी है।’
मनोज झा ने भी जताई थी आपत्ति
इससे पहले आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी इस मसले पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि ये कहलवाया जा रहा हैं। उन्होंने उदाहरण देकर कहा था कि ये ठीक उसी तरह से है, जैसे एक तालाब में पत्थर फेंका, जब लहर उठने लगे, तो कह दो ये तो मांग है।
बिबेक देबराय के लेख में सुझाव के बाद मचा बवाल
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय ने एक लेख में लिखा है कि मौजूदा संविधान काफी हद तक 1935 के भारत सरकार के अधिनियम पर आधारित है। 2002 में संविधान के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित एक आयोग की रिपोर्ट आई थी। लेकिन यह आधा अधूरा प्रयास था। कानून में सुधार के कई पहलुओं की तरह यहां और दूसरे बदलाव से काम नहीं चलेगा। उन्होंने लिखा है कि 2047 के लिए भारत को किस संविधान की जरूरत है?
