नई दिल्ली
चंद्रयान 3 चांद की तरफ काफी तेजी से अपने कदम बढ़ा रहा है। 23 अगस्त की सॉफ्ट लैंडिंग से पहले एक और बड़े पड़ाव को पार कर लिया गया है। विक्रम लैंडर ने अंतिम डीबूस्टिंग भी पूरी कर ली है। यानी कि वो चांद की और ज्यादा निचली कक्षा में प्रवेश कर चुका है। बताया जा रहा है कि विक्रम अब सिर्फ चांद से 23 किलोमीटर की दूरी पर है। अब 23 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान की लैंडिंग होने जा रही है।
इस समय इसरो का सारा जोर इस बात पर है कि विक्रम की रफ्तार को नियंत्रण में रखा जाए। पिछली बार जब चंद्रयान 2 फेल हुआ था, उसका बड़ा कारण ये था कि विक्रम की चांद की सतह पर हार्ड लैंडिंग हुई थी यानी कि वो क्रैश कर गया था। अब डीबूस्टिंग कर धीरे-धीरे रफ्तार को कम किया गया है, इसी वजह से दूरी सिर्फ 23 किलोमीटर की रह गई है।
