नई दिल्ली
सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं पर हमला करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाजवादी पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में वकील की तरह कपड़े पहनकर आए एक शख्स ने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या पर जूता फेंका। हालांकि जूता उनके पास तक नहीं पहुंच पाया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उसे फौरन पकड़ लिया और घूंसे, बेल्ट से जमकर पीटा। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसका नाम आकाश सैनी बताया गया है।
पहले फेंकी थी स्याही
आपको बता दें कि रामचरितमानस के खिलाफ बयान देने के बाद विवादों में आए स्वामी प्रसाद मौर्य पर इसी साल की फरवरी में भी काली स्याही फेंकी गई थी. वाराणासी से सोनभद्र जाने के दौरान रास्ते में स्वामी प्रसाद के स्वागत के कथित स्वागत में कुछ लोग फूल-माला लेकर खड़े थे. जैसे ही काफिला वहां पहुंचा तो फूल-माला देखकर स्वामी प्रसाद मौर्य वहां रूक गए और माला लेकर खड़े लोगों ने उन पर स्याही फेंक दी और काले झंडे दिखाए.
दारा सिंह चौहान पर फेंकी गई थी काली स्याही
इससे पहले सपा से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए दारा सिंह चौहान पर भी रविवार को काली स्याही फेंकी गई थी. दरअसल यूपी में मऊ की घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है. इसके लिए 5 सितंबर को मतदान और 8 सितंबर को काउंटिंग होगी. इसी क्रम में वो रविवार को विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए निकले थे. इस दौरान उन पर स्याही फेंकी गई. ये घटना कोपागंज थाना क्षेत्र के अदरी मोहल्ले की है.
बीजेपी के जिला अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने इसका आरोप समाजवादी पार्टी पर लगाया है. बीजेपी का दावा है कि मोनू यादव उर्फ डायमंड नाम के युवक ने पार्टी प्रत्याशी के ऊपर स्याही फेंकी है. इसकी शिकायत पुलिस से की गई है. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है.
भाजपा उम्मीदवार दारा सिंह चौहान ने कहा कि सपा के सारे समीकरण ध्वस्त हो चुके हैं। इससे बौखलाहट में स्याही फेंकी गई है। लेकिन स्याही का जवाब देने के लिए जनता भाजपा के साथ निकल पड़ी है। इससे हताश और निराश होकर विरोधी इस तरह का काम कर रहे है।
