नई दिल्ली
भारत के चंद्रयान-3 ने इतिहास रच दिया है। लैंडर मॉड्यूल ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की। इसी के साथ भारत पहला देश बन गया जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्पेसक्राफ्ट उतारा। लैंडिंग सफल होते ही बेंगलुरु स्थित ISRO के मिशंस ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (MOX) में बैठे वैज्ञानिकों समेत पूरा देश खुशी से झूम उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। सफल लैंडिंग के बाद पीएम ने कहा, ‘नया इतिहास बनते ही हर भारतीय जश्न में डूब गया है, हर घर में उत्सव शुरू हो गया है।’ अब लैंडर विक्रम के पेट से रोवर प्रज्ञान बाहर निकलेगा। दोनों मिलकर चांद के साउथ पोल का हाल बताएंगे। चंद्रयान-3 मिशन भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम है। पृथ्वी के इकलौते प्राकृतिक उपग्रह, चंद्रमा के बारे में हमें बेशकीमती जानकारी मिल रही है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चंद्रयान-की सफल लैंडिंग पर ट्वीट किया, ‘आज की अग्रणी उपलब्धि के लिए टीम इसरो को बधाई। चंद्रमा के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग हमारे वैज्ञानिक समुदाय की दशकों की जबरदस्त प्रतिभा और कड़ी मेहनत का परिणाम है। 1962 के बाद से, भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नई ऊंचाइयों को छू रहा है और युवा सपने देखने वालों की पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है।’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चंद्रयान 3 की सफलता प्रत्येक भारतीय की सामूहिक सफलता है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। छह दशक पुराने इस अंतरिक्ष कार्यक्रम में आज 140 करोड़ भारतीयों ने एक और उपलब्धि देखी। हम अपने वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और इस मिशन को सफल बनाने में शामिल सभी लोगों के जुनून, कड़ी मेहनत और समर्पण को सलाम करते हैं… 2008 में जब चंद्रयान -1, मून इम्पैक्ट प्रोब (एमआईपी) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लेकर चंद्रमा पर उतरा तो भारत चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक उपकरण उतारने वाला चौथा देश बन गया था…ये उपलब्धियां पंडित जवाहरलाल नेहरू के विजन का प्रमाण हैं, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि केवल वैज्ञानिक सोच ही एक स्वतंत्र राष्ट्र के विकास की भावना को आगे बढ़ा सकती है।
इसरो की बेमिसाल उपलब्धि सामूहिक संकल्प का नतीजा: कांग्रेस
कांग्रेस ने चंद्रयान-3 की सफल ‘लैंडिंग’ को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की बेमिसाल उपलब्धि करार दिया है। पार्टी ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प का नतीजा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता प्रत्येक भारतीय की सामूहिक सफलता है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, ‘आज हम जो सफलता देख रहे हैं वो एक सामूहिक संकल्प, एक सामूहिक कामकाज है, एक सामूहिक टीम के प्रयास का नतीज़ा है। यह सिस्टम का नतीजा है, एक व्यक्ति का नहीं है।’
चंद्रयान-3 की सफलता मील का पत्थर: सीजेआई चंद्रचूड़
चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘हमारे महान राष्ट्र के नागरिक के रूप में यह बेहद गर्व की बात है कि मैंने आज चंद्रमा पर चंद्रयान 3 की उल्लेखनीय लैंडिंग देखी। चंद्र मिशन की सफलता ने भारत को चंद्र सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है। यह और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग करने वाला एकमात्र देश है। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान और खोज के नए रास्ते खुलेंगे। यह राष्ट्र की प्रगति में एक मील का पत्थर दर्शाता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम इसरो और वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई। उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।’
सांसों को रोक देने वाला था चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग का नजारा
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई को चंद्रयान-3 को लॉन्च किया था। तब से लगातार लोग इसकी हर खबर पर नजर गड़ाए थे। 41 दिन बाद बुधवार शाम जैसे ही चंद्रयान की लैंडिंग को लेकर काउंटडाउन शुरू हुआ तो लोग सांसें रोक टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर टकटकी लगाए हुए थे। सेक्टरों, सोसायटियों, स्कूल-कॉलेज में लाइव टेलिकास्ट की व्यवस्था की गई थी। नज़ारा क्रिकेट विश्व के भारत-पाक के फाइनल मुकाबले जैसा था। सभी सांसें थाम कर चंद्रयान-3 की चांद पर जीत की कामना कर रहे थे। जैसे ही शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान ने चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की, लोग खुशियों से झूम उठे। माहौल में तालियों की गड़गड़ाहट और हंसी के ठहाके गूंज उठे। हर जगह भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे गूंजते रहे।
