बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडी एक्टर बीरबल खोसला का निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार 12 सितंबर की शाम 5:30 बजे अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 84 साल थी। उनके जाने से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर है। हर कोई स्तब्ध है कि अब वो नहीं रहे। उन्होंने कई शानदार फिल्मों में अपने कॉमिक रोल्स से जाने जाते थे। सालभर पहले भी उनकी फिल्म आई थी। वह लंबे समय से बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों से परेशान थे और अस्पताल में भर्ती थे।
‘अमीर गरीब’, ‘रास्ते का पत्थर’, ‘सुन मेरी लैला’, ‘अनीता’, ‘इंसान’, ‘एक महल का सपना हो’, ‘मोहब्बत की आरजू’, जैसी तमाम फिल्मों में अभिनय का जादू चला चुके बीरबल खोसला मुंबई के भारतीय अरोग्य अस्पताल में भर्ती थे। एक्टर जॉनी लीवर ने ही इस बात की जानकारी दी है कि एक्टर का देहांत हो गया। कल 13 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। क्योंकि बेटा सिंगापुर में रहता है। वह जब आएगा, उसके बाद ही शव को पंचतत्व में विलीन किया जाएगा।
इस तकलीफ से जूझ रहे थे बीरबल खोसला
उनके दोस्त और एक्टर राजकुमार कनौजिया ने बताया कि बीरबल खोसला को बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं थीं। लेकिन घुटने में तकलीफ ज्यादा थी। वह चल नहीं पाते थे। हालांकि पैसे की कोई कमी नहीं थी। क्योंकि बेटा सिंगापुर में नौकरी करता है और वो खर्चा-पानी भेजा करता था। अब परिवार में उनके पत्नी हैं, जो कि अंधेरी के सात बंगला में रह रही हैं।
बीरबल खोसला का असली नाम
सतिंदर कुमार खोसला, जिन्हें बीरबल के नाम से जाना जाता है, एक हिंदी फिल्म अभिनेता हैं, जिन्होंने 1967 में ‘उपकार’ से डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने पंजाबी, भोजपुरी और मराठी भाषा की फिल्मों सहित लगभग 500 फिल्मों में अभिनय किया है। बीरबल ने ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971),’शोले’ (1975), ‘तपस्या’ (1976), ‘सदमा’ (1983), ‘दिल’ (1990) और ‘फिर कभी’ (2008) जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया।
