6.4 C
London
Monday, March 23, 2026
HomeUncategorizedबचत घटी, बढ़ा कर्ज, सेविंग में हम 50 साल पीछे पहुंच गए,...

बचत घटी, बढ़ा कर्ज, सेविंग में हम 50 साल पीछे पहुंच गए, आरबीआई रिपोर्ट की ABCD

Published on

नई दिल्ली

ऐसा कहा जाता है कि भारत में कमाने वाले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों की आमदनी बढ़ रही है। प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि जो भी कमा रहे हैं, उसे खर्च कर रहे हैं, उड़ा रहे हैं। बचत में काफी कमी हो गई है। स्थिति यह है कि भारत का घरेलू बचत 50 साल के निचले स्तर पर आ गया है। यह कहना है हाउसहोल्ड एसेट और लायबिलिटीज पर रिजर्व बैंक की एक ताजा रिपोर्ट का।

रिजर्व बैंक के आंकड़े क्या कहते हैं
रिवर्ज बैंक के मुताबिक साल 2022-23 के दौरान नेट हाउसहोल्ड सेविंग गिर कर 5.1 फीसदी रह गई है। जीडीपी के हिसाब से देखें तो इस साल भारत की शुद्ध बचत गिर कर 13.77 लाख करोड़ रुपये रह गई है। यह बीते 50 साल का न्यूनतम स्तर है। इससे एक साल पहले ही यह 7.2 फीसदी थी। इससे यही कयास लगाए जा रहे हैं कि लोगों की आमदनी में भारी कमी आई है। साथ ही कोरोना काल के बाद लोगों के कंजप्शन में भी बढ़ोतरी हुई है। लोग बचाने के बजाए खर्च ज्यादा करने लगे हैं।

बढ़ रही है देनदारी
रिजर्व बैंक की रिपोर्ट से एक चिंताजनक सिगनल भी मिल रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लेागों की फाइनेंशियल लायबिलिटीज तेजी से बढ़ी है। साल 2022-23 में यह तेजी से बढ़ते हुए जीडीपी के 5.8 फीसदी तक पहुंच गई। जबिक एक साल पहले यह महज 3.8 फीसदी ही थी। इसका मतलब है कि लोग कंजप्शन परपस के लिए ज्यादा लोन लेने लगे हैं। चाहे वे घरेलू सामान खरीद रहे हैं या जमीन, मकान, दुकान आदि खरीद रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद यह दूसरा मौका है जबकि लोगों की फाइनेंसियल लायबिलिटीज इतनी तेजी से बढ़ी हैं। इससे पहले साल 2006-07 में यह दर 6.7 फीसदी थी।

घट रहा है हाउसहोल्ड एसेट
आरबीआई के मुताबिक अबसोल्यूट टर्म में देखा जाए तो साल 2020-21 के मुकाबले 2022-23 के दौरान नेट हाउसहोल्ड एसेट में भारी गिरावट हुई है। साल 2020-21 के दौरान शुद्ध घरेलू संपत्ति 22.8 लाख करोड़ रुपये की थी जो कि साल साल 2021-22 में तेजी से घटते हुए 16.96 लाख करोड़ रुपये तक गिर गई। साल 2022-23 में तो यह और घट कर 13.76 लाख करोड़ रुपये ही रह गई। इसके उलट फाइनेंशियल लायबिलिटीज की बात करें तो हाउसहोल्ड डेट या कर्ज बढ़ोतरी ही हो रही है। साल 2021-22 में यह जीडीपी के 36.9 फीसदी थी जो कि साल 2022-23 में बढ़ कर 37.6 फीसदी तक पहुंच गई।

इसके पीछे क्या है कारण
इस रिपोर्ट पर गौर करें तो बचत घटने और कर्ज बढ़ने के पीछे बढ़ती महंगाई का बड़ा हाथ है। रिजर्व बैंक ने जो हाउसहोल्ड एसेट और लायबिलिटीज के आंकड़े जारी किए हैं, वह अर्थव्यवस्था की तत्काल विकास क्षमता immediate growth potential के बारे में चिंता पैदा करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट कंजप्शन या निजी उपभोग से ग्रोथ को मिलने वाला समर्थन अनुमान से कमज़ोर हो सकता है, भले ही निजी पूंजीगत व्यय चक्र में देरी होती दिख रही हो।

Latest articles

बीएचईएल की बड़ी उपलब्धि: 100वें पावर ट्रांसफॉर्मर का सफल निर्माण, ईडी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

भोपाल भेल भोपाल के परिणामित्र (ट्रांसफॉर्मर) विनिर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सफलता का...

आकृति रिट्रीट में विकास कार्यों का शिलान्यास: राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने किया 31.50 लाख के कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल राजधानी के बावड़ियाँ कलाँ स्थित आकृति रिट्रीट कॉलोनी में विकास की नई इबारत लिखते...

नगर निगम पेड़ों की कटाई पर सख्ती की तैयारी, जुर्माना और शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव

भोपाल राजधानी की हरियाली को बचाने और अवैध कटाई पर अंकुश लगाने के लिए नगर...

दादाजी धाम में माँ कूष्मांडा का विधि-विधान से पूजन, गुरु गीता और हनुमान चालीसा के पाठ से गूंजा मंदिर

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल 'दादाजी धाम मंदिर' में चैत्र...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...