नई दिल्ली
लोन की EMI चुकाने वालों और लोन लेने की सोच रहे लोगों ने राहत की सांस ली है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला हुआ है। इस तरह रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार रहेगी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कांफ्रेंस कर बैठक में लिये गए फैसलों के बारे में जानकारी दी है। दास ने अपने स्टेटमेंट की शुरुआत कौटिल्य की बात के साथ की। उन्होंने कहा, ‘कौटिल्य ने 2000 से भी अधिक दशक पहले अपनी अर्थशास्त्र में कहा था कि स्थिरता राज्य के लिए न सिर्फ समृ्द्धि को समानता से बांटने, बल्कि इसे संवर्धित करने के भी द्वार खोलती है।’ आइए जानते हैं कि दास ने अपने स्टेटमेंट कौन-सी खास बातें कहीं।
- आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत दुनिया का नया ग्रोथ इंजन बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है।
- शक्तिकांत दास ने महंगाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उच्च महंगाई ग्रोथ के लिए एक बड़ा खतरा बनती है। उन्होंने कहा, ‘ओवरऑल महंगाई परिदृश्य पर खरीफ की बुआई में गिरावट, लोअर रिजर्व ऑयल लेवल्स, ग्लोबल फूड और एनर्जी कीमतों में अनिश्चितताओं के बादल छाए हुए हैं।’
- दास ने कहा कि सितंबर में भारत के सर्विस सेक्टर ने 13 साल की सबसे अधिक ग्रोथ रेट दर्ज की है। डिमांड में मजबूती से नए व्यापार अवसरों में पर्याप्त ग्रोथ के चलते ऐसा हुआ। ओवरऑल बिजनस सेंटीमेंट में सुधार से रोजगार की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
- वहीं, नए ऑर्डर्स में कमी के चलते सितंबर में मैन्यूफैक्चरिंग ऑपरेशंस 5 महीने के निम्न स्तर पर रहे। मैन्यूफैक्चिंग पीएमआई सितंबर में गिरकर 57.5 पर रही। यह अगस्त में 58.6 पर थी।
- आरबीआई गवर्नर ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स के संबंध में गोल्ड लोन की लिमिट को 21 हजार से बढ़ाकर 41 हजार कर दिया है।
- दास ने कहा कि पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड स्कीम (PIDF) को दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब यह पीएम विश्वकर्मा स्कीम के लाभार्थियों को भी कवर करेगी।
- दास ने कहा कि आरबीआई एमपीसी बैठक में चालू वित्त वर्ष की रियल जीडीपी ग्रोथ का पूर्वानुमान 6.5 फीसदी बताया गया। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का पूर्वानुमान 6.6 फीसदी लगाया गया है।
- महंगाई के पूर्वानुमान की बात करें, तो यह चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए 6.4 फीसदी, तीसरी तिमाही के लिए 5.6 फीसदी और चौथी तिमाही के लिए 5.2 फीसदी बताया गया है। वहीं, यह अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए 5.2 फीसदी है। आरबीई गवर्नर ने आगे कहा कि कोर इन्फ्लेशन में और गिरावट की आवश्कता है। उन्होंने कहा की महंगाई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल के चलते है।
- आरबीआई गवर्नर दास ने कहा कि तेल के झटकों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए मौद्रिक नीति पूरी तरह से तैयार होनी चाहिए।
- दास ने कहा कि 29 सितंबर तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 586.9 अरब डॉलर का था। साथ ही उन्होंने कहा कि I-CRR को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है।
