अहमदाबाद
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ विश्व कप फाइनल में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फसला किया। 2003 विश्व कप फाइनल में भी भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। कमिंस ने टॉस जीतने के बाद कहा कि विकेट ड्राई लग रही है और ओस के फैक्टर को देखते हुए उन्होंने बाद में बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी कहा है कि वह भी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी ही करते इसलिए दोनों टीमों को जो चाहिए था वह मिल गया।
टॉस जीतने की खुशी में कप्तान पैट कमिंस इतरा ही रहे थे कि मैदान पर उतरते हिटमैन ने अपना निराला अंदाज दिखाया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर प्रहार शुरू कर दिया। दूसरे ओवर में जोश हेजलवुड को दो चौके ठोके तो चौथे ओवर में अपना और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग वाला शॉट दिखाते हुए पूरा जोश ठंडा कर दिया। रोहित ने पुल शॉट खेलते हुए गेंद को स्टैंड में डिपोजिट किया तो आखिरी गेंद को मैदानी सीमा रेखा से बाहर भेजा।
5वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया के सूरमा गेंदबाज मिचेल स्टार्क का भी हिसाब किया। उन्होंने गिल को 4 रन पर आउट करने के बाद जश्न में चूर स्टार्क को करारा शॉट खेलते हुए 6 रनों के लिए लॉन्ग ऑफ बाउंड्री से बाहर भेजा। इसके बाद उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल छक्का और चौका लगाया, लेकिन एक और आगे बढ़कर छक्का लगाने के चक्कर में वह आउट हो गए। उनका शानदार कैच ट्रैविस हेड लपका। वह एक बार फिर 47 रनों पर आउट हुए। उन्होंने 31 गेंदों में 3 छक्के और 4 चौके ठोके। बता दें कि न्यूजीलैंड के खिलाफ भी वह 47 रनों पर आउट हुए थे।
वह जब मैदान से बाहर जा रहे थे तो उन्हें अपनी गलती का अहसास था। उन्हें पता था कि वह क्या कुछ कर सकते हैं। बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, सेमीफाइनल वाली टीम के साथ ही दोनों कप्तान ने मैदान में उतरने का फैसला किया।
