जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘लोक सेवा दिवस’ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के लोक सेवकों को संबोधित करते हुए एक सशक्त और विकसित राजस्थान का विजन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल कागजों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लोक सेवकों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों और निरंतर मॉनिटरिंग का ही परिणाम है कि आज राजस्थान 25 महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता के माध्यम से हम राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। श्री शर्मा ने लोक सेवकों को प्रेरणा देते हुए कहा, “समस्याएं बड़ी हो सकती हैं, लेकिन बेहतर समन्वय (Coordination) और टीम वर्क के जरिए उनका समाधान संभव है।” उन्होंने अधिकारियों को नवाचारों को अपनाने और जन-सुनवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि आमजन का प्रशासन पर विश्वास और गहरा हो सके।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने और प्रशासन में नए प्रयोग (Innovations) करने के लिए प्रदेश के 9 श्रेष्ठ लोक सेवकों को सम्मानित किया। इन अधिकारियों को उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों और विशिष्ट उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन अधिकारियों के कार्य अन्य लोक सेवकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेंगे।
