संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान गुरुवार सुबह अपने पैतृक गाँव सतोज पहुँचे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़े रहने वाले मान का उनके गाँव में भावुक और जोरदार स्वागत हुआ। इस विशेष दौरे के दौरान उनके साथ उनकी माँ, बहन और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पूरे गाँव में किसी उत्सव जैसा माहौल नजर आया। इस दौरे का सबसे खास आकर्षण मुख्यमंत्री के जीवन पर बन रही एक विशेष डॉक्यूमेंट्री रही। ‘सतोज के बेटे’ के रूप में मान के बचपन, उनके शुरुआती संघर्ष और मुख्यमंत्री पद तक के सफर को जीवंत करने के लिए गाँव की पृष्ठभूमि में शूटिंग की गई।
मान ने अपने पैतृक घर के साथ-साथ गाँव के खेल के मैदान और धर्मशाला का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने पुराने दोस्तों से मुलाकात कर अपने बचपन की यादें साझा कीं। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की के लिए अरदास की। इस दौरान उन्होंने गाँव के धार्मिक कैंप में भी हाजिरी लगाई। सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “आज सतोज गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर असीम शांति मिली। लोगों का यह प्यार और सम्मान मेरी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है।
हम जनता की सेवा के लिए सदैव समर्पित हैं।” गाँव के बुजुर्गों ने अपने ‘लाडले’ को मुख्यमंत्री के रूप में पाकर आशीष दिया, वहीं युवाओं में उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने का भारी उत्साह देखा गया। डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के दौरान ग्रामीणों ने मान के जीवन से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच, मुख्यमंत्री ने बड़े ही सरल ढंग से ग्रामीणों से संवाद कर यह संदेश दिया कि वे आज भी उसी मिट्टी से जुड़े हुए हैं।
