अंकारा:
दुनियाभर के मुस्लिम देशों का ‘खलीफा’ बनने के सपना देख रहे तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान को अब इस दिशा में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमालिया ने अपनी समुद्री सुरक्षा का जिम्मा अब तुर्की की सेना के हवाले करने का फैसला किया है। सोमालिया के राष्ट्रपति ने आधिकारिक रूप से इस ‘ऐतिहासिक’ घटनाक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस डील के बाद अब अगले 10 साल तक तुर्की की नौसेना सोमालिया के समुद्री इलाके की सुरक्षा करेगी। यही नहीं तुर्की अब सोमालिया की राष्ट्रीय नौसेना को विकसित करेगा, उन्हें प्रशिक्षित करेगा और हथियारों से लैस करेगा। तुर्की के लिए इस डील को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस डील से तुर्की को जहां काफी कमाई होने की उम्मीद है, वहीं अफ्रीकी देश इथियोपिया के साथ उसका तनाव भड़क सकता है।
तुर्की बहुत तेजी से पूरे मध्य पूर्व और अफ्रीकी इलाके में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। तुर्की के सैनिक अफ्रीका के लीबिया, ग्रीस के पास एजियान समुद्र, उत्तरी साइप्रस, सीरिया, इराक, अजरबैजान और अफगानिस्तान में बड़ी तादाद में मौजूद हैं। यह सैन्य तैनाती एर्दोगान की तुर्की के प्रभाव को बढ़ाने की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। ताजा घटनाक्रम में सोमालियाई संसद ने तुर्की के साथ एक रक्षा और आर्थिक सहयोग समझौते को अपनी औपचारिक स्वीकृति दे दी है। यह समझौता तुर्की को सोमालियाई नौसेना के निर्माण, प्रशिक्षण और उसे सुसज्जित करने और इथियोपिया के साथ तनाव के मद्देनजर सोमालिया के समुद्री जल की रक्षा करने का अधिकार देता है।
सोमालिया की सुरक्षा करेगी तुर्की की नौसेना
सोमालिया के प्रधानमंत्री हमजा अब्दी बर्रे ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह देश के लिए एक स्थायी विरासत होगी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बर्रे ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता आतंकवाद, समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने, प्रदूषण और बाहरी खतरों से संबंधित चिंताओं को दूर करेगा। उनका इशारा इथियोपिया की ओर माना जा रहा है। इस समझौते से जुड़े एक सोमालियाई सूत्र ने मिडिल ईस्ट आई वेबसाइट से खुलासा किया कि यदि जरूरी होगा तो तुर्की की नौसेना अगले दशक तक सोमाली समुद्री जल की रक्षा करने के लिए अधिकृत रहेगी। तुर्की के एक रक्षा अधिकारी ने इस डील का विवरण देने से इनकार कर दिया।
