इस्लामाबाद
भारत में इस समय गजवा-ए-हिंद चर्चा में आ गया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने वेबसाइट पर जारी फतवे को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस्लामिक शिक्षा केंद्र दारुल उलूम देवबंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन पाकिस्तान में इसे लेकर बेहद पहले से बात होती रही है। पाकिस्तान में लाल टोपी के नाम से मशहूर जैद हामिद को कट्टरपंथ और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने के लिए जाना जाता है। भारत में गजवा-ए-हिंद की बात उठते ही फिर एक बार इसका बयान सुर्खियों में आ गया है। इसमें वह कहता दिख रहा है कि भारत के साथ हर लेवल पर जंग गजवा-ए-हिंद है।
पाकिस्तान के बोल न्यूज पर जैद हामिद ने एक इंटरव्यू में कहा था कि गजवा-ए-हिंद किसी एक जंग का नाम नहीं है। बल्कि भारत के मुशरिकों से होने वाली हर जंग गजवा ए हिंद में शामिल है। इसका आगाज मोहम्मद बिन कासिम से हुआ, महमूद गजनवी भी गजवा-ए-हिंद की मुहिम में शामिल होते थे। अहमद शाह अब्दाली से लेकर अब पाकिस्तान आर्मी जो लगातार हिंदुस्तान के मुशरिकों के साथ जंग में है, यह सब गजवा-ए-हिंद की अलग-अलग मुहिम के नाम हैं।
भारत के साथ युद्ध गजवा-ए-हिंद
जैद हामिद ने कहा, ‘यह पूछा जाता है कि गजवा-ए-हिंद की आखिरी मुहिम कब होगी? 1948, 1965, 1971 और 1999 समेत लाइन ऑफ कंट्रोल पर जो भी लड़ाई होती है वह सब गजवा-ए-हिंद में शामिल है। वो तमाम मुसलमान पाकिस्तानी जो हिंदू ‘मुशरिकों’ के साथ जंग में हैं, चाहे सोशल मीडिया पर हो या इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर में हों, आर्थिक युद्ध में हों वो सभी गजवा-ए-हिंद के लड़ाके हैं।’ जैद हामिद वही शख्स है, जिसने भारत के चंद्रयान की लैंडिग को भी एनिमेटेड बता दिया था। हालांकि इसक आदमी का पाकिस्तान में ही लोग मजाक बनाते रहते हैं। जैद हामिद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के मदीना जाने पर भी भड़क गया था। उसने सऊदी को धमकी देते हुए कहा था कि मस्जिद अल-नबावी शरीफ सिर्फ सऊदी के बाप की नहीं है।
