12.5 C
London
Tuesday, May 5, 2026
HomeUncategorizedबड़ी कंपनी नहीं कर सकती स्टार्टअप के भाग्य का फैसला, गूगल प्ले...

बड़ी कंपनी नहीं कर सकती स्टार्टअप के भाग्य का फैसला, गूगल प्ले स्टोर के ऐक्शन पर केंद्र ने अपनाया कड़ा रुख

Published on

नई दिल्ली

गूगल के अपने प्ले स्टोर से कुछ ऐप हटाने पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने शनिवार को कहा कि भारतीय ऐप को हटाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। सरकार ने इस संबंध में विवाद का हल निकालने के लिए अगले सप्ताह गूगल और संबंधित स्टार्टअप को मीटिंग पर बुलाया है। आईटी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक इंटरव्यू में कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम भारतीय अर्थव्यवस्था की कुंजी है। ऐसे में उनके भाग्य का फैसला किसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी पर नहीं छोड़ा जा सकता है।

वैष्णव की टिप्पणी क्यों है महत्वपूर्ण
मंत्री की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है, क्योंकि गूगल ने शुक्रवार को सेवा शुल्क भुगतान पर विवाद को लेकर भारत में अपने प्ले स्टोर से एक लोकप्रिय ‘मैट्रिमोनी’ ऐप सहित कुछ ऐप को हटाना शुरू कर दिया था। इन ऐप और जानेमाने स्टार्टअप संस्थापकों ने इस पर आपत्ति जताई थी। वैष्णव ने इस मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि भारत सरकार की नीति बहुत स्पष्ट है… हमारे स्टार्टअप को वह सुरक्षा मिलेगी, जिसकी उन्हें जरूरत है। मंत्री ने कहा कि सरकार विवाद सुलझाने के लिए अगले सप्ताह गूगल और प्ले स्टोर से हटाए गए ऐप के डेवलपर से मुलाकात करेगी।

कंपनी की पॉलिसी के भरोसे नहीं छोड़ सकते
वैष्णव ने कहा कि मैंने पहले ही गूगल से बात की है… मैंने उन ऐप डेवलपर से भी बात की है, जिन्हें हटाया गया है। हम उनसे अगले हफ्ते मिलेंगे… इस तरह (ऐप को) हटाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत ने 10 वर्षों में एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न का एक मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। मंत्री ने कहा कि युवाओं और उद्यमियों की ऊर्जा को सही दिशा देनी चाहिए और इसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी की नीतियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

बिलिंग मानदंडों के उल्लंघन का आरोप
इससे पहले गूगल ने शुक्रवार को कहा था कि कई जानी-मानी फर्मों सहित कई कंपनियां उसके ‘बिलिंग’ मानदंडों का उल्लंघन कर रही हैं। ये कंपनियां बिक्री पर लागू प्ले स्टोर सेवा शुल्क का भुगतान नहीं कर रही हैं। गूगल ने चेतावनी दी थी कि वह गूगल प्ले पर ऐसे गैर-अनुपालन वाले ऐप को हटाने में संकोच नहीं करेगी। इसके बाद शुक्रवार को ही शादी डॉट कॉम, मैट्रिमोनी डॉट कॉम, भारत मैट्रिमोनी, बालाजी टेलीफिल्म्स का ऑल्ट (पूर्व में ऑल्ट बालाजी), ऑडियो मंच कुकू एफएम, डेटिंग सेवा क्वैक क्वैक और ट्रूली मैडली के ऐप प्ले स्टोर पर सर्च करने पर नहीं मिले। इंफो एज ने बताया कि उसके ऐप भी प्ले स्टोर से हटा दिए गए हैं।

तीन साल का दिया था समय: गूगल
गूगल ने कहा कि इन डेवलपर को तैयारी के लिए तीन साल से अधिक का समय दिया गया। इसमें उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद दिया गया तीन सप्ताह का समय भी शामिल है। गूगल ने कहा कि इसके बाद अब वह यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है, कि उसकी नीतियां सभी पर समान रूप से लागू हों।

Latest articles

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

वैष्णव छीपा समाज भोपाल का प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न

भोपाल। वैष्णव छीपा समाज भोपाल का नौवां प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन गुफा मन्दिर...

भोपाल में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, भूमाफियाओं द्वारा प्लॉटिंग और निर्माण जारी

भोपाल। राजधानी भोपाल के ग्राम हताईखेड़ा में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...