मॉस्को:
रूस और यूक्रेन युद्ध में कई नेपाली फंस गए हैं। अब यह नेपाली सैनिक भारत से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इन नेपाली लोगों ने बताया कि उन्हें हेल्पर के रूप में काम करने के लिए रूसी सेना में भेजा गया था। लेकिन इसकी जगह अब उन्हें यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए मजबूर किया गया है। नेपाली सैनिकों का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें उन लोगों को कड़ाके की ठंड में एक शेल्टर में छिपे हुए देखा जा सकता है। उनमें से एक सैनिक भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है।
इनमें से एक सैनिक ने कहा, ‘हम नेपाल से आए हैं। एजेंट ने झूठ बोलकर हमें रूस भेजा है और हमें अब बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। हमें हेल्पर के रूप में रूसी सेना में काम करने के बारे में बताया गया था। लेकिन हमें युद्ध में लड़ने के लिए भेज दिया गया।’ उसने यह भी दावा कि उनके साथ भारत के तीन लोग भी थे, जिन्हें भारतीय सरकार ने निकाल लिया है। उसने आगे कहा कि नेपाल का दूतावास हमारी कोई भी मदद नहीं कर रहा। इसलिए हम अपने पड़ोसी देश भारत से मदद मांगना चाहते हैं।
भारत ही निकाल सकता है
इन सैनिकों ने आगे कहा, ‘हमें भारत से बहुत उम्मीद है कि वह हमारी भी मदद करेगा और हमें निराश नहीं करेगा। नेपाल और भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं, इसलिए हम आप लोगों से मदद मांगना चाहते हैं। क्योंकि आपका देश और दूतावास बहुत पॉवरफुल है। यहां जितने भी नेपाली भाई है वह वापस जाना चाहते हैं। क्योंकि हमारे साथ फ्रॉड हुआ है।’ उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में वह 30 लोग थे, जिनमें से अब सिर्फ पांच लोग बाकी बचे हैं। कुछ लोगों को कहीं अलग भेजा है तो कई लोग बहुत बुरी तरह घायल हैं।
भारतीयों की रूस में मौत
नेपाली सैनिकों की ओर से मदद की यह गुहार तब लगाई गई है, जब कई भारतीय युवकों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी हुई है। कई भारतीयों को नौकरी के नाम पर रुस भेजा गया। कुछ दिनों पहले एक वीडियो आया था, जिसमें सात भारतीय ने कहा कि उन्हें जबरन यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए भेजा गया। तेलंगाना के रहने वाला मोहम्मद असफान के साथ भी फ्रॉड हुआ। उसे जबरन लड़ने के लिए भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गुजरात का रहने वाला एक शख्स भी इसी तरह युद्ध में मारा गया है।
