भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर भोपाल नगर निगम ने शहरभर में बड़े स्तर पर सफाई और सौंदर्यीकरण अभियान शुरू कर दिया है। इस बार नगर निगम का फोकस उन पिछली गलियों और संकरी सड़कों पर है, जहां अक्सर गंदगी और अव्यवस्था की शिकायतें रहती थीं। निगम ने शहर की करीब 80 बैकलेन को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य तय किया है।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली से स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम 15 मई के बाद कभी भी भोपाल पहुंच सकती है। इसे देखते हुए सभी 21 जोन और 85 वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह से लेकर देर रात तक सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
गलियों में लग रहे रंगीन कूड़ेदान, दीवारों पर बन रही पेंटिंग
निगम के स्वच्छ भारत मिशन प्रकोष्ठ के मुताबिक, जिन पिछली गलियों की पहचान गंदगी वाले क्षेत्रों के रूप में थी, वहां अब सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। गलियों में तीन रंग के कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं ताकि कचरे का अलग-अलग संग्रह हो सके। इसके साथ ही दीवारों पर पेंटिंग, पौधारोपण और सफाई सुधार के काम किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि अब तक 50 से ज्यादा गलियों को नया रूप दिया जा चुका है। निगम को उम्मीद है कि इस पहल से शहर की स्वच्छता रैंकिंग में बड़ा फायदा मिलेगा।
सुबह मैदान में उतर रहीं आयुक्त संस्कृति जैन
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन खुद सफाई व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। वे लगातार सुबह अलग-अलग इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने हुजूर, मध्य और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों की सफाई टीमों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अगर किसी सफाई लक्ष्य इकाई में गंदगी मिली तो संबंधित सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाकी विधानसभा क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक रविवार को होगी।
85 वार्डों में विशेष निगरानी
नगर निगम ने सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए शहरभर में विशेष टीमें बनाई हैं। 85 वार्डों और 21 जोन में 100 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुक्त ने अधिकारियों को रोज फील्ड विजिट करने और सफाई व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।
सफाई कर्मचारियों को मिलेगा सीधा इनाम
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन होने पर पुरस्कार सीधे जमीनी स्तर पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को दिया जाएगा। पहले यह प्रोत्साहन राशि सलाहकार एजेंसियों और गैर सरकारी संगठनों को मिलती थी। निगम का मानना है कि इससे सफाई कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर काम कर पाएंगे।
