ओट्टावा
कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा के ऊपर खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने तलवार से हमला करने की कोशिश की, जिसे कनाडा की पुलिस ने नाकाम कर दिया। घटना उस समय हुई जब वर्मा 11 मार्च को इंडो-कनाडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एडमोंटन पहुंचे थे। इस दौरान खालिस्तान समर्थकों ने वर्मा के खिलाफ अपमानजनक नारे भी लगाए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा रहा है कि हथियार लेकर आगे बढ़ रहे खालिस्तान समर्थकों को कनाडाई पुलिस के जवान धक्का देकर पीछे धकेल रहे हैं।
खालिस्तानियों के निशाने पर भारतीय अधिकारी
कनाडा में भारतीय मिशन में काम कर रहे अधिकारी पिछले कुछ समय से खालिस्तान समर्थक गुंडों के निशाने पर हैं। सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की एक अपील के बाद इसमें तेजी आई है, जिसमें पन्नू ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारतीय दूतावास को निशाना बनाने की अपील की थी। सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में जून 2023 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर भारत और कनाडा आमने-सामने आ गए थे, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसके पीछे भारतीय एजेंटों के होने की आशंका जताई थी।
#BREAKING: Khalistani goons attempt to turn violent using swords and spears at a protest against Indian Ambassador to Canada Sanjay Kumar Verma in Edmonton, Alberta. Canadian Police physically push back paid Khalistani goons at the location. Khalistani propaganda fails yet again. pic.twitter.com/oE2CX68XGL
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) March 13, 2024
कार्यक्रम को बिगाड़ने की कोशिश
11 मार्च की घटना के दौरान खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायुक्त और भारत के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने भारतीय तिरंगे का भी अपमान किया। खालिस्तानी गुंडों ने कार्यक्रम को बाधित करने की भी कोशिश की। भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने द हिंदू अखबार से बातचीत में बताया कि “खालिस्तान समर्थक तत्वों ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।”
11 मार्च को होने वाले कार्यक्रम के विरोध की अपील करते हुए पन्नू के समर्थकों ने पोस्टर जारी किया था। इस पोस्टर अभियान ने 2023 के समय की याद दिला दी थी, जब कनाडा में खालिस्तानियों ने भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसक हमलों का आह्वान किया था। पोस्टर जारी होने के बाद कनाडाई अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की थी, जिन्होंने भारतीय उच्चायुक्त और उनकी पत्नी को कार्यक्रम में सुरक्षित पहुंचाया।
