इस्लामाबाद
भारत में सीएए लागू कर दिया गया है। इससे उन हिंदुओं, पारसियों, सिखों, बौद्धों, जैनियों और ईसाइयों को भारत की नागरिकता दी जाएगी जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में भागकर आए हैं। 31 दिसंबर 2014 से पहले आने वाले लोगों को इस तरह की नागरिकता दी जाएगी। पाकिस्तान इसे मुस्लिम विरोधी कदम बता रहे हैं। लेकिन अब एक पाकिस्तानी ने इस मुद्दे पर जमकर इस्लामिक देशों और पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। पाकिस्तानी यूट्यूबर सुहैब चौधरी ने इस मुद्दे पर लोगों से बातचीत की।
आबिद अली नाम के एक शख्स ने कहा कि पाकिस्तान में जो अफगानी पैदा हुए वह रोते हैं कि उन्हें नागरिकता नहीं दी जाती। इसके आगे कहा कि किसी भी अरब मुल्क में हम चले जाएं चाहे वह सऊदी हो या यूएई। यहां आप नौकरी कर सकते हैं 20-30 साल या पूरी जिंदगी रहें। लेकिन वह आपको मुस्लिम होने के बावजूद नागरिकता नहीं देंगे। उन्होंने ब्रिटेन का हवाला देते हुए कहा कि गैर मुस्लिम देश आपको अपना नागरिक मान लेते हैं। लेकिन कोई मुस्लिम देश आपको अपना नहीं मानेगा।
भारत ने दी इज्जत
उन्होंने सीएए को समझाते हुए कहा, ‘जो गैर मुस्लिम भारत गए हैं उन्हें नागरिकता देकर इज्जत दी जा रही है। उन्हें आधार कार्ड और पासपोर्ट भी मिलेगा।’ उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिमों को भारत में इज्जत दी गई है। मुस्लिम फिल्म स्टार से लेकर बिजनेसमैन तक हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर देश अपने हिसाब से नियम बनाता है। हम भी आतंकवाद से परेशान होकर अफगानियों को बाहर कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत को दुनिया में इज्जत मिलती है। वहीं पाकिस्तान को घपलेबाज के तौर पर देखा जाता है।
पाकिस्तान ने सीएए पर उगला जहर
पाकिस्तान ने भारत में सीएए लागू करने पर जहर उगला है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने भारत के इस फैसले को मुस्लिम विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि कानून और प्रासंगिक नियम भेदभावपूर्ण हैं। यह लोगों की आस्था को देखते हुए उनमें भेदभाव करते हैं। बलोच ने यह मानने से साफ इनकार कर दिया कि किसी भी तरह के पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक गैरमुस्लिमों के साथ भेदभाव होता है। उन्होंने कहा, ‘यह कानून उस गलत धारणा पर आधारित हैं, जिसके मुताबिक क्षेत्र के मुस्लिम देशों मे अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं।’
