9.7 C
London
Monday, May 11, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसीएए, केजरीवाल... भारत को 'ज्ञान' देने वाले अमेरिकी राजदूत की योग्‍यता पर...

सीएए, केजरीवाल… भारत को ‘ज्ञान’ देने वाले अमेरिकी राजदूत की योग्‍यता पर क्‍यों उठे सवाल

Published on

वाशिंगटन:

दो देशों में राजदूत इसलिए नियुक्त किए जाते हैं ताकि उनके बीच संबंधों में गर्माहट बनी रहे, लेकिन अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी इसके उलट काम करते नजर आते हैं। अमेरिकी राजदूत ने पहले नागरिकता संसोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर भारत को ज्ञान दिया और अब वे आतंकी पन्नू के मामले में गीदड़भभकी दे रहे हैं। गार्सेटी ने हाल ही में एएनआई को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें कहा था कि दो देशों के बीच कुछ ‘रेड लाइन’ होती है, जिसे किसी भी पक्ष को पार नहीं करना चाहिए। गार्सेटी ने हालांकि नाम नहीं लिया, लेकिन साफ है कि उनका इशारा पन्नू को मारने की कोशिश के आरोपों को लेकर था। गार्सेटी ने इसी इंटरव्यू में सीएए पर नजर रखने वाले अमेरिका के बयान पर कहा कि राजदूत का काम नजर रखना ही होता है। इसके अलावा उन्होंने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर भी बयान दिया था। गार्सेटी के इस तरह के बयानों के बाद ये सवाल उठने लगा है कि क्या वे भारत जैसे मजबूत सहयोगी के यहां मिशन की कमान संभालने के लिए सर्वथा उपयुक्त हैं या नहीं? एक्सपर्ट इस सवाल का जवाब गार्सेटी के इतिहास में ढूढ़ने की सलाह देते हैं, जहां ये पता चलता है कि गार्सेटी के पास डिप्लोमैटिक मिशन का कोई खास अनुभव नहीं है।

दो साल तक अटकी रही थी नियुक्ति
बाइडन प्रशासन ने एरिक गार्सेटी को बीते साल मार्च में भारत का राजदूत नियुक्त किया था। राजदूत के रूप में गार्सेटी की नियुक्ति आसान नहीं रही थी और 2 साल तक जूझने के बाद बाइडन उनके नाम पर मुहर लगवा सके थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2021 में गार्सेटी का नाम राजदूत के लिए नामित किया था, लेकिन मेयर रहने के दौरान लगे एक आरोपों के चलते उनकी नियुक्ति रोक दी गई थी। गार्सेटी पर आरोप था कि लॉस एंजेलिस का मेयर रहते हुए उन्होंने एक सहयोगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को नजरअंदाज किया था। गार्सेटी ने आरोपों से इनकार किया था।

बाइडेन ने राजदूत बनाकर चुकाया कर्ज
एरिक गार्सेटी ने राजनीति में प्रवेश लेने से पहले अमेरिकी नौसेना में 12 साल काम किया था। 2013 में वे 100 सालों के इतिहास में लॉस एंजेलिस के सबसे कम उम्र के मेयर बने। इसके साथ ही वे पहले यहूदी मेयर भी थे। इस पद पर वे 2022 तक रहे। गार्सेटी बाइडन के सबसे विश्वस्त सहयोगियों में रहे और 2020 में जब बाइडन की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले पहले लोगों में रहे। कहा जाता है कि बाइडन ने गार्सेटी को राजदूत बनाकर उनकी राजनीतिक वफादारी का कर्ज चुकाया है।

मेयर पद पर रहते हुए लॉस एंजेलिस के कई व्हिसल ब्लोअर ने आरोप लगाया था कि गार्सेटी ने मेयर पद पर रहते हुए अपने सहयोगी जैक रिकब्स के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को नजर अंदाज किया। स्पुतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, गार्सेटी के कार्यकाल में लॉस एंजेलिस शहर में लोगों के लिए आवास का बड़ा संकट आया, जिसने उनकी छवि को धूमिल किया था। अमेरिका में उनकी नकारात्मक छवि के साथ ही उनके पास अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का सीमित अनुभव है। ऐसे में उनकी नियुक्ति संदेह पैदा करती है।

Latest articles

PM मोदी बोले- पेट्रोल-डीजल का कम करें उपयोग, भारत में तेल के कुएं नहीं

आज वर्क फ्रॉम होम की जरूरत, एक साल तक सोना न खरीदें बेंगलुरु/हैदराबाद। पीएम नरेंद्र...

भेल गांधी मार्केट में 13 साल बाद हुआ चुनाव, महेंद्र नामदेव ‘मोनू’ बने नए अध्यक्ष

व्यापारी संघ चुनाव: 95 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान, महेंद्र ने 57 मतों के...

भोपाल-जेवर एयरपोर्ट के बीच 1 जुलाई से शुरू होगी पहली फ्लाइट, NCR कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट से जल्द ही यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी...

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 : भोपाल की 80 पिछली गलियां होंगी चमकदार, गंदगी मिलने पर अफसरों पर होगी कार्रवाई

भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर भोपाल नगर निगम ने शहरभर में बड़े स्तर...

More like this

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...