भोपाल
भेल क्षेत्र के सोनागिरी में नाले किनारे दस साल पहले बना सामुदायिक भवन देखरेख और मेंटेनेंस नहीं होने के कारण खंडहर में तब्दील हो गया है। इसके खिड़की—दरवाजे आसामजिक तत्व ले उड़े। दस साल पहले करीब पांच लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण नगर निगम द्वारा करवाया गया था। शुरुआती दो साल तक इसका संचालन हुआ, लेकिन देखरेख नहीं होने से इस भवन की बुकिंग बंद हो गई और निगम प्रशासन ने भी सुवधिाओं की ओर ध्यान नहीं दिया। इन दिनों जर्जर भवन में श्रमिकों ने डेरा डाल रखा है। तीन साल पहले निगम ने शहर के सभी जर्जर सामुदायिक भवनों के रिनोवेशन के लिए सर्वे करवाया था, लेकिन इसके बावजूद उक्त भवन का रिनोवेशन नहीं हुआ।
