20.4 C
London
Saturday, April 25, 2026
Homeराष्ट्रीयअग्निवीरों को लेकर क्या होने वाला है बड़ा फैसला, सर्वे करा रही...

अग्निवीरों को लेकर क्या होने वाला है बड़ा फैसला, सर्वे करा रही है सेना और सरकार

Published on

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव के दौरान इस बार अग्निवीरों का मुद्दा विपक्ष की ओर से उठाया जा रहा है। कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं और यह भी कहा है कि सत्ता में आते ही अग्निपथ स्कीम को समाप्त कर देंगे। वहीं अब यह खबर सामने आ रही है कि भारतीय सेना में इस योजना को लेकर कुछ बदलाव हो सकते हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सेना अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया पर अब तक के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक आंतरिक सर्वे करा रही है। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वह योजना में संभावित बदलावों के संबंध में आने वाली सरकार के लिए सिफारिशें तैयार कर सकती है। जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत चार साल की अवधि के लिए अग्निवीरों की भर्ती सेना में की जा रही है।

चार साल की सर्विस के बाद सैनिक के योग्यता और जरूरतों के हिसाब से 25% तक सैनिकों को ही नियमित किया जाएगा। इसके लिए सैनिकों को आवेदन करना होगा। इस योजना के शुरू होने के बाद से ही इस पर काफी बहस हो रही है, खास तौर पर राजनीतिक हलकों में। अभी हाल ही में हरियाणा में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सेना को अग्निवीर स्कीम नहीं चाहिए, इंडिया गठबंधन की सरकार आते ही इसे कूड़े में फेंक देंगे।

विपक्ष हमलावर है तो वहीं कुछ हफ्ते पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार अग्निपथ योजना में बदलाव के लिए तैयार है और अग्निवीर के तौर पर शामिल होने वाले युवाओं के भविष्य पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। खबर के मुताबिक अधिकारियों से अग्निवीरों की भर्ती, ट्रेनिंग और दूसरी चीजों पर टिप्पणी मांगी गई है जिनके अधीन अग्निवीर काम करते हैं। अधिकारियों ने कहा है कि सभी सवालों के उत्तरों को मूल्यांकन के लिए रखा जाएगा। इसमें करीब दस सवालों की सूची है।

सर्वे में यह सवाल शामिल है कि अग्निवीरों ने सेना में शामिल होने का फैसला क्यों किया, अग्निवीर के रूप में शामिल होने से पहले उन्होंने कौन-कौन सी अन्य नौकरियां, प्रतियोगी परीक्षा या भर्ती की कोशिश की। क्या उन्हें लगता है कि उन्हें सेना में स्थायी रूप से शामिल किया जाना चाहिए। सर्वे में जो सवाल पूछे जाएंगे उसमें अग्निवीरों के सेना में शामिल होने के प्राथमिक कारणों और सेना में शामिल होने के लिए उनकी उत्सुकता के बारे में जानकारी देनी होगी। देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों ने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के प्रति कैसी प्रतिक्रिया दी है, इस पर सवालों के जवाब देने होंगे।

सर्वे में विभिन्न यूनिट और सब-यूनिट कमांडरों से प्राप्त इनपुट को भी ध्यान में रखा जाएगा। इन इनपुट के आधार पर, यह संभावना है कि सेना अग्निवीरों की नियुक्ति, दीर्घकाल में अग्निवीरों की नियुक्ति का एक स्थायी प्रतिशत आदि के संदर्भ में योजना में संभावित बदलाव सुझाएगी।

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...