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सिर्फ बातें बनाते हैं जिम्मेदारी से बच रहे… दिल्ली अस्पताल अग्निकांड में एलजी VS सीएम, दिए जांच के आदेश

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नई दिल्ली

पिछले हफ्ते में दिल्ली के एक बेबी केयर अस्पताल में आग लग गई, जिसमें सात नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि इन दोनों नेताओं ने सिर्फ बातें बनाई हैं और अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उपराज्यपाल सक्सेना ने यह भी बताया है कि उन्होंने शहर के निजी अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन और नियमों में हो रही लापरवाही की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को आदेश दिया है। उनकी जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कितने अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं और जो रजिस्टर्ड हैं, क्या वो सही नियमों का पालन कर रहे हैं।

एलजी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के संदर्भ में मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में सक्सेना ने कहा, ‘मैंने इस मामले में बहुत सख्त रुख अपनाया है। व्यापक जनहित को देखते हुए और अधिकारियों के एक वर्ग द्वारा गंभीरता की कमी के कारण मुझे कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।’ नोट में कहा गया, ‘आग लगने और नर्सिंग होम से संबंधित मामले में… एसीबी को शहर में नर्सिंग होम के पंजीकरण की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया गया है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि कितने नर्सिंग होम वैध पंजीकरण के बिना काम कर रहे हैं और क्या जिनके पास वैध पंजीकरण है वे दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण अधिनियम, 1953 के तहत निर्धारित मानदंडों का अनुपालन कर रहे हैं या नहीं।’ पत्र के मुताबिक, जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीकरण की मंजूरी या उसका नवीनीकरण 100 प्रतिशत स्थल निरीक्षण के बाद किया गया है। सक्सेना ने पत्र में कहा कि 1,190 नर्सिंग होम हैं, जिनमें से एक चौथाई से अधिक बिना वैध पंजीकरण के चल रहे हैं।

एलजी ने लगाया केजरीवाल सरकार पर अनदेखी करने का आरोप
एलजी ने आरोप लगाया है कि मंत्रियों की तरफ से ध्यान नहीं दिया गया, लापरवाही बरती गई और सरकारी अधिकारियों ने मिलीभगत करके अस्पतालों को लाइसेंस दिए या उनका नवीनीकरण किया। चूंकि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में गंभीर नहीं हैं, इसलिए उन्हें उनके काम में दखल देना पड़ा। दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के बयान पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। लेकिन, स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को शहर के हर अस्पताल में सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य जांच का आदेश दिया है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। साथ ही दिल्ली सरकार ने इस आग मामले की जांच के लिए एक मजिस्ट्रेट स्तर की जांच भी बिठाई है।

अस्पताल में आग लगने के बाद कई लापरवाहियों का लगाा पता
अस्पताल में आग लगने की स्थिति में बचने के लिए कोई रास्ता न होना।
अस्पताल के पास वैध अनुमति ना होना।
अस्पताल में मरीजों की संख्या तय से 10 ज्यादा होना, जिसकी वजह से आग लगने पर मरीजों और स्टाफ को भागने में दिक्कत हुई।
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि उस वक्त अस्पताल में काम कर रहे कम से कम दो डॉक्टर नवजात बच्चों के इलाज के लिए योग्य नहीं थे। उनके पास सिर्फ BAMS की डिग्री थी।

दिल्ली सरकार पर गंभीर मुद्दा दबाने का आरोप
दिल्ली पुलिस ने अस्पताल मालिक डॉक्टर नवीन खिची समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वीके सक्सेना की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों के साथ अक्सर तीखी बहस होती रही है। उन्होंने दिल्ली सरकार पर इतने गंभीर मुद्दों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘ऐसे नर्सिंग होम का होना, जो गरीब तबके की सेवा करते हैं, ये बताता है कि सरकारी अस्पतालों की हालत कितनी खराब है… ये एक बड़ा मुद्दा है जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है…” रविवार को सक्सेना ने मुख्य सचिव (जो मुख्यमंत्री को जवाबदेह होते हैं) और पुलिस कमिश्नर (जो केंद्र सरकार के गृह मंत्री को जवाबदेह होते हैं) को जांच बिठाने का आदेश दिया।

केजरीवाल के खिलाफ NIA जांच के दिए थे आरोप
इस महीने की शुरुआत में, एलजी ने आरोपों के चलते केजरीवाल के खिलाफ एनआईए जांच के आदेश दिए थे। ये आरोप थे कि केजरीवाल को प्रतिबंधित संगठन “सिख्स फॉर जस्टिस” से फंड मिले, जिसकी अगुवाई वांछित आतंकी गुरपतवंत पन्नू कर रहे हैं। केजरीवाल की पार्टी ने भारद्वाज के जरिए जवाब दिया। उन्होंने जांच के आदेश को पार्टी और उसके नेता के खिलाफ साजिश बताया। उन्होंने बयान में कहा, “LG साहब बीजेपी के एजेंट हैं… ये बीजेपी के कहने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ एक और बड़ी साजिश है।”

हाल के हफ्तों वीके सक्सेना स्वाति मालीवाल मामले में भी कूद पड़े। जैसा कि कई लोगों ने अनुमान लगाया था, दिल्ली के LG ने श्रीमती मालीवाल के समर्थन में खड़े हुए, जिन्होंने केजरीवाल के सहायक पर हमले का आरोप लगाया है। LG ने खुद को पूरी घटना से बहुत दुखी बताया।

 

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