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पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी मेंबर बनना तय, इसी हफ्ते हो सकता है ऐलान, भारत करेगा वोट!

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इस्लामाबाद:

पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थायी मेंबर बनना तकरीबन तय है। पाकिस्तान को 2025-2026 की अवधि के लिए चुना जाएगा। पाकिस्तान की सदस्यता का ऐलान इसी गुरुवार, 06 जून को हो सकता है। पाकिस्तान अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में निर्विरोध निर्वाचित होता है, तो यह उसका यूएनएससी में 8वां कार्यकाल होगा। पाकिस्तान करीब एक दशक बाद यूएनएससी में वापसी करेगा। पाकिस्तान आखिरी बार 2013 में यूएनएससी में अस्थानी सदस्य के तौर पर शामिल था। पाकिस्तान के आने से भारत की भी चिंता बढ़ सकती है। चीन यूएनएससी का स्थायी सदस्य है। ऐसे में चीन और पाकिस्तान भारत के खिलाफ मोर्चेबंदी कर सकते हैं।

पाकिस्तान और भारत दोनों संयुक्त राष्ट्र के भीतर एशिया-प्रशांत समूह के सदस्य हैं, जिनकी सुरक्षा परिषद में दो सीटें हैं। समूह में 50 से अधिक सदस्य हैं जो परिषद की सदस्यता के लिए घूर्णी पद्धति का पालन करते हैं। इसका मतलब यह है कि भारत और पाकिस्तान भी समूह के उम्मीदवार के रूप में एक-दूसरे को वोट देते हैं। इसीलिए 2019 में पाकिस्तान ने भारत का समर्थन किया और इस साल भारत के पाकिस्तान का समर्थन करने की उम्मीद है। पाकिस्तान ने इस साल की शुरुआत में ही दो साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सीट हासिल करने के लिए कवायद शुरू कर दी थी। मार्च में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत मुनीर अकरम ने इसके लिए अपनी उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा की थी। पाकिस्तान ने अपनी उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की मांगते हुए कहा था कि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए यूएनएससी के उद्देश्य में सार्थक योगदान दिया जाएगा। मुनीर अकरम ने कहा था कि ग्लोबल साउथ के मुद्दों का समर्थन करने और सहकारी बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा है।

यूएनएससी का अस्थायी सदस्य बनेगा पाकिस्तान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी और 15 अस्थायी सदस्य होते हैं। अस्थायी सदस्यों का चुनाव दो वर्ष के लिए होता है। अस्थायी सदस्य देशों को चुनने का उद्देश्य सुरक्षा परिषद में क्षेत्रीय संतुलन कायम करना है। इसमें पांच सदस्य एशियाई या अफ्रीकी देशों से, दो दक्षिण अमेरिकी देशों से, एक पूर्वी यूरोप से और दो पश्चिमी यूरोप या अन्य क्षेत्रों से चुने जाते हैं। अफ्रीका और एशिया महाद्वीप के लिये निर्धारित पांच सीटों में से तीन सीट अफ्रीका के लिये और दो सीट एशिया के लिये रखी गई हैं।

मूल रूप से सुरक्षा परिषद में 11 सदस्य थे, इसे साल 1965 में बढ़ाकर 15 कर दिया गया। सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों-चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के पास सुरक्षा परिषद में वीटो का अधिकार हासिल है। वहीं अस्थायी सदस्य देशों के पास ये अधिकार नहीं है। अस्थायी देशों को चुनने का उद्देश्य सुरक्षा परिषद में क्षेत्रीय संतुलन कायम करना है। बीते साल, 2023 में दो वर्ष के अस्थाई कार्यकाल के लिए अल्जीरिया, गुयाना, दक्षिण कोरिया, सियेरा लियोन और स्लोवीनिया को चुना गया था।

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