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14 बटा 6… कांग्रेस के इस आंकड़े ने 47 सीटें बढ़ा दीं, देख लीजिए किन राज्यों ने दिए सबसे ज्यादा आशीर्वाद

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नई दिल्ली

इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी सबसे बड़ी विजेता साबित हुई। कांग्रेस पार्टी ने इस बार 53 नई सीटें जीती हैं, लेकिन उसे 2019 की छह सीटें गंवानी भी पड़ी हैं। इस तरह, कांग्रेस पार्टी को 47 सीटों का शुद्ध लाभ हुआ है। उसने 2019 में कुल 52 सीटें जीतीं थीं जो अब बढ़कर 99 हो गईं। यानी 90.38 प्रतिशत का इजाफा। कांग्रेस के 2019 बनाम 2024 के लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन पर गौर करें तो ये पांच बड़ी बातें सामने आती हैं।

14 प्रदेशों में फायदा, 6 में कांग्रेस की घटीं सीटें
कांग्रेस की कुल 14 प्रदेशों में सीटें बढ़ीं। इनमें महाराष्ट्र (12), राजस्थान और कर्नाटक (8-8), उत्तर प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना (5-5) में बंपर फायदा हुआ। दूसरी तरफ उसे बिहार, झारखंड, गुजरात, तमिलनाडु, नागालैंड, लक्षद्वीप, चंडीगढ़, मणिपुर जैसे राज्यों से भी मदद मिली। छह राज्य ऐसे भी रहे जहां कांग्रेस को नुकसान हुआ, लेकिन सिर्फ एक-एक सीट। इस लिस्ट में मध्य प्रदेश, पंजाब, केरल, प. बंगाल, छत्तीसगढ़ और केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीपसमूह शामिल हैं।

2019 के मुकाबले 2024 के रिजल्ट में ये 5 बदलाव

1. भाजपा से सीधे मुकाबले में कांग्रेस ने सुधारा स्ट्राइक रेट
2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का भाजपा से 190 सीटों पर सीधा मुकाबला था। इन सीटों में कांग्रेस ने महज 8% के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 15 सीटें जीती थीं। इस बार 2024 के चुनावों में कांग्रेस अपना स्ट्राइक रेट सुधाकर 8% से 28% कर लिया। उसने भाजपा के साथ सीधे मुकाबलों की कुल 214 में से 61 सीटें जीत लीं।

2. बीजेपी को झटके पर झटका
2019 में भाजपा के पास एनडीए की कुल 352 सीटों में से 303 सीटें थीं यानी गठबंधन में 86% की हिस्सेदारी। उसे अपने दम पर बहुमत हासिल था। अब एनडीए की 290 में से भाजपा के पास 240 सीटें हैं यानी 83% से थोड़ा कम। उसके पास अपने दम पर बहुमत भी नहीं है।

3. टॉप 5 राज्यों में बीजेपी को बड़ा झटका
सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले पांच राज्यों में से चार में भाजपा को काफी नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश (कुल 80 सीटें) में इसकी संख्या 62 से घटकर 33 रह गई, महाराष्ट्र (48) में 23 से घटकर 10 रह गई, बंगाल (42) में 18 से घटकर 12 रह गई और तमिलनाडु (39) में अपना खाता भी नहीं खोल पाई। पांचवें स्थान पर बिहार है जहां 2019 में भाजपा को 17 सीटें मिली थीं लेकिन इस बार उसे 5 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। बिहार में एनडीए को 40 में से 30 सीटें मिलीं।

4. पूर्वोत्तर में कांग्रेस ने बेहतर की स्थिति
पूर्वोत्तर में भाजपा ने हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर विस्तार किया था, इस चुनाव में पार्टी को यहां से भी झटका मिला। मणिपुर में दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली गईं, नागालैंड में एकमात्र सीट और मेघालय में 2 में से 1 सीट कांग्रेस के खाते में चली गईं। लेकिन भाजपा ने असम में 9 सीटें और अरुणाचल और त्रिपुरा में 2-2 सीटें बरकरार रखीं।

5. एससी-एसटी सीटों पर कांग्रेस ने सुधारा प्रदर्शन
भाजपा ने पिछली बार देशभर में 131 एससी/एसटी सीटों में से 77 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ 11 सीटें जीती थीं। इस बार भाजपा की सीटें घटकर 53 रह गईं, जबकि कांग्रेस की सीटें बढ़कर 33 हो गईं।

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