19.1 C
London
Friday, April 24, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयकनाडा ने भारत को बताया दूसरा सबसे बड़ा विदेशी खतरा, क्या ट्रूडो...

कनाडा ने भारत को बताया दूसरा सबसे बड़ा विदेशी खतरा, क्या ट्रूडो की कोई नई चाल है?

Published on

ओट्टावा

कनाडा की एक उच्च स्तरीय संसदीय समिति ने भारत को ‘दूसरा सबसे बड़ा विदेशी खतरा’ बताया है। इसमें पहले नंबर पर चीन को रखा गया है। कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया संसदीय समिति (NSICOP) ने इस सप्ताह अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत अब रूस को हटाकर कनाडा की लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं के लिए चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा विदेशी हस्तक्षेप खतरा बनकर उभरा है। हिंदुस्तान टाइम्स ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बयान में विदेशी हस्तक्षेप के बारे में अपनी सरकार की गंभीर चिंता पर जोर दिया है।

ये रिपोर्ट ऐसे समय में जारी हुई है जब ट्रूडो के आरोपों के चलते भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और दोनों के बीच संबंध बदतर हुए हैं। ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। हालांकि, ट्रूडो ने कभी भी आरोपों के संबंध में कोई सबूत नहीं दिए। भारत ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।

कनाडा का भारत पर क्या है आरोप?
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत के विदेशी हस्तक्षेप के प्रयास धीरे-धीरे कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्वों का मुकाबला करने से आगे बढ़ गए हैं। इन प्रयासों में कनाडाई लोकतांत्रित प्रणालियों और संस्थाओं में हस्तक्षेप शामिल है, जिसमें कनाडा के राजनेताओं, जातीय मीडिया और इंडो-कनाडाई जातीय सांस्कृतिक समुदायों को निशाना बनाना शामिल है। 84 पन्नों की रिपोर्ट में भारत का 44 बार जिक्र किया है।

भारतीय अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों का जवाब नहीं दिया है। इससे पहले नई दिल्ली ने इस तरह के दावों का खंडन किया है। इसके साथ ही भारत ने कनाडाई अधिकारियों पर भारतीय मामलों में दखल देने और खालिस्तानी आंदोलन से जुड़े लोगों समेत चरमपंथी तत्वों को शरण देने का आरोप लगाया है। एनएसआईसीओपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कनाडाई सांसद विदेशी शक्तियों से प्रभावित हो सकते हैं। इसमें विदेशी मिशनों के साथ अनुचित संचार में शामिल होने और विदेशी राजनयिकों के साथ गोपनीय जानकारियां साझा करने की आशंका भी जाहिर की गई है।

जल्द आमने-सामने होंगे दोनों देशों के नेता
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ सांसदों को विदेशी संस्थाओं या उनके प्रतिनिधियों से वित्तीय सहायता मिली हो सकती है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों के अगले सप्ताह इटली में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में एक दूसरे से मिलने की संभावना है। हालांकि, दोनों के बाच किसी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक का संकेत नहीं है। ट्रूडो ने कहा है कि शिखर सम्मलेन में उनके मिशन में विदेशी हस्तक्षेप और गलत सूचनाओं का मुकाबला करने समेत लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के महत्व को उजागर करना शामिल होगा।

Latest articles

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष को किया सम्मानित, आपातकाल के संघर्षों को किया याद

बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रवास...

ओसियां को 416 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की खेल स्टेडियम की घोषणा, बोले- उन्नत तकनीक से समृद्ध बनें किसान

ओसियां (जोधपुर)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओसियां उपखण्ड मुख्यालय के दौरे के...

जयपुर में ‘ग्राम-2026’ का शंखनाद: दिल्ली इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की कृषि विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...