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Monday, April 27, 2026
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‘मुख्य सचिव के कमरे के आगे विधायक लगाते हैं लाइन’ गहलोत की तारीफ और अपनी सरकार को क्यों घेर रहे देवी सिंह भाटी?

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जयपुर :

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी बीजेपी नेता देवी सिंह भाटी के बयान ने सियासत में खलबली मचा दी है। देवी सिंह भाटी ने अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। भाटी के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ हैं। राजनीतिक जानकार इस बयान के पीछे की गणित को समझने की कोशिश कर रहे हैं। सियासी चर्चा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जो देवी सिंह भाटी अपनी ही सरकार को घेरने में लगे? भाटी किसके इशारे पर राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी के बहाने मुख्यमंत्री भजनलाल पर सियासी हमला कर रहे है। सियासी चर्चा है कि देवी सिंह भाटी इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री भजनलाल की कमियां बताकर, यही संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि राजस्थान में सरकार का नेतृत्व बदला जाना चाहिए।

भाटी के बयान के बाद सियासी गलियारों में खलबली मची
बीजेपी नेता देवी सिंह भाटी ने बीकानेर में जो बयान दिया है, उससे बीजेपी में तूफान आ गया है। लोकसभा चुनाव में राजस्थान में बीजेपी को 11 लोकसभा सीटों पर हार मिली। इसको लेकर पार्टी स्तर पर मंथन किया जा रहा है। ऐसे में सियासी चर्चा है कि आखिर देवी सिंह भाटी को ऐसी क्या जल्दी हुई? जो उन्होंने बीजेपी की हार को लेकर अपना विश्लेषण कर अपनी ही पार्टी और सरकार को घेर लिया। राजनीतिक एक्सपर्ट देवी सिंह भाटी ने जो बयान दिया, उसके मायने समझने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या वसुंधरा राजे कर रही है कमबैक, जो समर्थक बना रहे हैं माहौल?
लोकसभा चुनाव में राजस्थान में बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। मिशन 25 का ख्वाब देखने वाली बीजेपी को 11 लोकसभा सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। इस बार बीजेपी केवल 14 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई। इस बीच सियासी चर्चा तेज हो गई है, क्या वसुंधरा राजे राजस्थान में बीजेपी की हार के बाद फिर से कम बैक करने वाली है। इसको लेकर राजनीतिक पारे में हलचल हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में इस बार हुए लोकसभा चुनाव में वसुंधरा राजे पूरी तरह साइडलाइन रही। लोकसभा चुनाव के दौरान उनका पूरा फोकस बेटे दुष्यंत सिंह के संसदीय क्षेत्र (झालावाड) की ओर दिखा।

इधर , बीते दिनों बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए चूरू के सांसद राहुल कस्वां ने भी वसुंधरा राजे की जमकर तारीफ की। वसुंधरा के करीबी देवी सिंह भाटी ने अपने बयानों में मुख्यमंत्री भजनलाल की कमियां गिनाते हुए कहने की कोशिश की है कि राजस्थान सरकार का नेतृत्व बदलना चाहिए। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे फिर से एक्टिव होने लगी है। इसके कारण ही उनके समर्थक उनके कमबैक होने के लिए माहौल तैयार कर रहे हैं।

ब्यूरोक्रेसी के बहाने सरकार को बनाया निशाना
देवी सिंह भाटी ने मुख्य सचिव सुधांशु पंत के बहाने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि ‘सुनने में आ रहा है मुख्य सचिव के कमरे के आगे विधायक लाइन में लगे रहते हैं। अगर ऐसा है तो जनप्रतिनिधि बनना बेकार है।’ उन्होंने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस राज में ब्यूरोक्रेसी काबू में रहती थी। अधिकारियों में भय रहता था, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही हो जाए, लेकिन अब अधिकारियों में कोई भय नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने वाली है। अधिकारी समझते हैं वह रिटायर होकर ही जाएंगे, तब तक कोई कुछ नहीं करेगा। देवी सिंह भाटी का यह बयान सियासत की काफी सुर्खियों में है।

राहुल कस्वां का टिकट कटवाकर पूरा चुनाव खराब किया: भाटी
बीजेपी के नेता देवी सिंह भाटी ने राजस्थान में बीजेपी की हार का ठीकरा राजेंद्र सिंह राठौड़ पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र राठौड़ ने चुनाव का पूरा वातावरण खराब कर दिया। जिस प्रकार से राजस्थान में टिकट कटवाया गया, यह गलत था। बीजेपी के लिए सबसे हानिकारक चूरू सीट से राहुल कस्वां का टिकट कटवाना साबित हुआ, जबकि राहुल कस्वां का काम और जन संपर्क काफी अच्छा था, लेकिन कस्वां का टिकट काटने से पूरे राजस्थान में जाट एकजुट नहीं रहे। बीजेपी को जाट वोट का भारी नुकसान हुआ। इस वजह से जाट विद्रोह करने लगे।

राहुल कस्‍वां ने वसुंधरा को लेकर यह की थी तारीफ
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस से सांसद चुने गए राहुल कस्‍वां अभी भी वसुंधरा राजे की तारीफ से पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्होंने हाल ही दिए अपने बयान में कहा कि राजस्‍थान की पूर्व मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सही मायने में लीडर है। राजे की लीडरशिप में राजस्‍थान में भाजपा की आज तक ऐसी हार नहीं हुई। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा 25 सीटों से 14 पर आ गई। जबकि साल 2014 व 2019 में सारी 25 सीटें भाजपा ने जीती थीं। राहुल कस्‍वां ने वसुंधरा राजे के बेटे व झालावाड़ सांसद दुष्‍यंत सिंह को मोदी सरकार 3.0 में मंत्री नहीं बनाए जाने पर सवाल उठाए। कस्‍वां ने कहा कि दुष्‍यंत सिंह झालावाड़-बारां से लगातार पांचवीं बार सांसद बने है, लेकिन उन्‍हें मंत्री ही नहीं बनाया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भाजपा में केंद्रीय बनाने का क्‍या पैरामीटर है?

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